Karnataka Budget: सिद्दारमैया सरकार ने अपने बजट में राज्य के वक्फ बोर्ड के लिए 100 करोड़ रुपये और ईसाई समुदाय के लिए 200 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। जिसको लेकर भाजपा सांसद भड़क गए और उन्होंने सिद्दारमैया सरकार पर हिंदू समुदाय को एक टूल के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने शुक्रवार को कर्नाटक की सिद्दारमैया सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि हिंदू मंदिरों से पैसा लेना और इसका इस्तेमाल गैर हिंदुओं के धार्मिक संस्थानों को फंड करने के लिए करना सिद्दारमैया जैसे 'धर्मनिरपेक्ष' नेताओं का मानक एसओपी है। उनके द्वारा प्रैक्टिस की जाने वाली धर्मनिरपेक्षता महज हिंदुओं को पीटने वाली छड़ी नहीं है, बल्कि यह हिंदुओं की कीमत पर दूसरों को आर्थिक रूप से समृद्ध करने का एक टूल भी है।
सिद्दारमैया सरकार के बजट पर बरसे तेजस्वी सूर्या
80 मंदिरों से मिला 155 करोड़ रुपये
जानकारी के अनुसार, सिद्दारमैया सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में पेश 2024-2025 के बजट में राज्य की वक्फ संपत्तियों के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये और ईसाई समुदाय के लिए 200 करोड़ रुपये के आवंटन का एलान किया। इसके अलावा जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया। बीदर में श्री नानक झीरा साहिब गुरुद्वारा के लिए एक करोड़ रुपये का विकास अनुदान निर्धारित किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्नाटक सरकार को राज्य के 398 मंदिरों से 445 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। इनमें से दक्षिण कन्नड़ में ही 80 मंदिरों से 155 करोड़ रुपये मिले हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्नाटक के बजट में मंगलुरु में हज भवन बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए हैं। बजट भाषण के दौरान सीएम सिद्धारमैया ने भाजपा-जेडीएस पर राज्य में सांप्रदायित तनाव फैलाने का आरोप भी लगाया है। बजट भाषण के दौरान भाजपा और जेडीएस नेताओं ने सिद्धारमैया सरकार पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाया है।
