कांग्रेस के पूर्व नेता और सपा के राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने रविवार को भारत जोड़ो यात्रा की प्रशंसा करते हुए कहा कि राहुल गांधी समाज के अलग-अलग तबकों को एक साथ लाने में कामयाब रहे हैं। उन्हें यह अहसास कराया है कि देश में एकता कितनी जरूरी है।
कपिल सिब्बल ने की राहुल गांधी की जमकर तारीफ
पिछले साल छोड़ा था कांग्रेस
पिछले साल कांग्रेस छोड़ने वाले सिब्बल ने कहा कि पार्टी की कन्याकुमारी से कश्मीर तक की यात्रा सफल प्रतीत होती है। इसे गैर-कांग्रेसी तत्वों का समर्थन भी मिला है।सिब्बल ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा कि वैचारिक रूप से यात्रा एक शानदार विचार है। उन्होंने कहा- "मुझे लगता है कि वह (राहुल) अपनी पदयात्रा के दौरान समाज के अलग-अलग तबकों को एक साथ लाने में कामयाब रहे हैं और उन्हें यह अहसास कराया है कि हमारे देश में एकता सुनिश्चित करना कितना जरूरी है तथा विविधता के लिए सम्मान हमारे देश के आगे बढ़ने के लिए अहम है।"
भाजपा पर निशाना
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा- "हां, भारत जोड़ो यात्रा कुछ ऐसी है जिसकी प्रशंसा करने की आवश्यकता है। अब जहां तक इसके राजनीतिक असर का संबंध है, मुझे लगता है कि लोग इस यात्रा के पीछे की अवधारणा को भ्रमित कर रहे हैं। इसे पूरी तरह राजनीतिक कृत्य से जोड़ रहे हैं जो मुझे नहीं लगता है कि यह राजनीतिक है।" उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य लोगों को यह दिखाना है कि दो विचारधाराएं हैं, जिनमें से एक को चुनना है। सिब्बल ने कहा- "एक विचारधारा भारत जोड़ो, दूसरी से बिलकुल अलग है, हम सभी जानते हैं कि उसका प्रतिनिधित्व कौन करता है।"
जी-23 के थे हिस्सा
कांग्रेस में बड़े स्तर पर संगठनात्मक सुधार की मांग करते हुए 2022 में सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले 23 नेताओं के समूह में सिब्बल भी शामिल थे। उन्होंने पिछले साल पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और वह समाजवादी पार्टी के समर्थन से उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए पुन: निर्वाचित हुए थे। वह कांग्रेस के मामलों पर टिप्पणी करने से बचते रहे हैं। यह पूछने पर कि क्या यात्रा सफल हुई, इस पर सिब्बल ने कहा- "वैचारिक रूप से निश्चित ही, और मैं जनता के बीच, गैर-कांग्रेसी तत्वों के बीच समर्थन देखता हूं, मैं कहूंगा कि दृष्टिगत रूप से यह सफल प्रतीत होती है।"
विपक्षी एकता के बारे में बात करते हुए सिब्बल ने कहा कि लोकसभा चुनाव ज्यादा दूर नहीं है और ऐसे में विपक्ष के नेताओं को एक साथ आने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा- "यह कैसे होगा, इस पर मैं टिप्पणी नहीं कर सकता। मुझे लगता है कि आज हमें विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच राजनीतिक गठबंधन के अलावा जन आंदोलन की भी आवश्यकता है।"
