जीवन से भरपूर हैं भारतीय संविधान के सभी प्रावधान- बेनेट यूनिवर्सिटी के संविधान सप्ताह का उद्घाटन कर बोले जस्टिस राजेश बिंदल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 18, 2023, 07:17 PM IST

माननीय न्यायमूर्ति जस्टिस बिंदल ने समारोह में उपस्थित छात्रों को सलाह दी कि वे न केवल महत्वपूर्ण अदालती फैसलों के बारे जानें, बल्कि देश की विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों की जानकारी जुटाने के लिए इसके ऑनलाइन डेटाबेस का सहारा लें।

भारतीय संविधान की महत्ता प्रदर्शित करने के लिए बेनेट यूनिवर्सिटी का स्कूल ऑफ लॉ, संविधान दिवस समारोह का आयोजन कर रहा है। विश्वविद्यालय कैंपस में हफ्ते भर चलने वाले समारोह 'संविधान सप्ताह' की शुरुआत 18 नवंबर कोहुई। इस कार्यक्रम का उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस राजेश बिंदल ने किया। समारोह के तहत 'भारत में परिवर्तनकारी संविधानवाद' पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सहित कई तरह के कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।

Chief Guest Justice Rajesh Bindal

जस्टिस राजेश बिंदल ने किया बेनेट यूनिवर्सिटी के संविधान सप्ताह का उद्घाटन

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति राजेश बिंदल ने कहा कि भारत का संविधान देश की संसद का मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा- "संविधान एक स्तर पर जैविक है। हमारे इस कथन का आशय यह है कि इसके सभी प्रावधान जीवन से भरपूर हैं। यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि संविधान तब तक समय की किसी कसौटी पर खरा नहीं उतरेगा, जब तक यह लचीला न हो।”

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