Jharkhand Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन ने अब नया रुख ले लिया है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने रविवार को सरकार को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से आंदोलन करने के बावजूद उनकी मांगों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई है। मंच ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, "गांधी जी के रास्ते चलकर देख लिया, अब भगत सिंह बनते हैं।"
छात्रों की हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ 20 अगस्त को बड़े प्रदर्शन की तैयारी (फोटो- PTI)
20 अगस्त को सीएम आवास पर घेराव
आंदोलनकारी छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि अब आंदोलन की रणनीति बदली जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से शांतिपूर्ण प्रदर्शन, भूख हड़ताल और अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी बात रखने के बावजूद सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को 18 अगस्त तक मांगों पर ठोस फैसला लेना होगा। ऐसा नहीं होने पर 20 अगस्त को बड़ी संख्या में छात्र और युवा मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। मंच ने रविवार को झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले भी जलाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन की सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुधार से जुड़ी उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
राहुल गांधी से की गई क्या मांग?
आंदोलनकारियों ने राहुल गांधी से झारखंड की जेएमएम नेतृत्व वाली सरकार से कांग्रेस का समर्थन वापस लेने की भी मांग की। रविंद्र पासवान ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देते हैं, तो राहुल गांधी को गठबंधन सरकार के प्रति अपने समर्थन पर पुनर्विचार करना चाहिए। मंच ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है। इससे पहले शनिवार को रांची में आंदोलनकारियों ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा निकाली थी। यह यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और व्यापक सुधार की मांग को लेकर जारी रहेगा। अब सभी की नजरें 18 अगस्त की समयसीमा और इसके बाद 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव पर टिकी हैं।
