मतदाता सूची के विशेष गहन पुनीरक्षण को लेकर देश में सियासी घमासान जारी है। हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि एसआईआर के तहत मतदाता सूची से बाहर किए गए 13.3 करोड़ भारतीयों को घुसपैठिया बताना भारतीयता का अपमान है।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का दावे पर जेपी नड्डा ने किया पलटवार। PTI
खरगे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "गृह मंत्री द्वारा SIR में बाहर 13.3 करोड़ भारतीयों को घुसपैठिया घोषित करना भारतीयता का अपमान है।" उन्होंने आगे लिखा,"सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद, जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाकर पहले वोट चोरी फिर विरोध करने के अधिकार की चोरी” भाजपाई तानाशाही का प्रमाण है।"
जेपी नड्डा ने किया पलटवार
खरगे के इस दावे पर बीजेपी नेता जेपी नड्डा ने पलटवार किया है। कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कभी 13.39 करोड़ भारतीयों को 'घुसपैठिया' नहीं कहा। बीजेपी ने दावा किया कि इन आंकड़ों को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है और चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट (ASDD) श्रेणियों में चिह्नित किए गए थे।
उन्हेंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "खरगे जी, झूठ फैलाना बंद कीजिए! माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने कभी भी 13.39 करोड़ भारतीयों को "घुसपैठिए" नहीं कहा है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ये 13.39 करोड़ नाम अंतिम रूप से हटाए गए नामों में से नहीं हैं, बल्कि मसौदा सूची में अनुपस्थित/स्थानांतरित/मृत/डुप्लीकेट (ASDD) श्रेणी के अंतर्गत दर्ज हैं, जिनमें शामिल हैं, 2.80 करोड़ मृत, 6.30 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित, 3.01 करोड़ अनुपस्थित, 1.02 करोड़ डुप्लीकेट। भारतीय जनता पार्टी और पीएम मोदी, अमित शाह की लोकप्रियता को नकारते हुए एसआईआर को इसका कारण बताना कांग्रेस पार्टी की हताशा को दर्शाता है।"
उन्होंने आगे लिखा," एसआईआर की शुरुआत तो 2024 के बाद ही हुई, जबकि कांग्रेस पिछले 31 वर्षों से गुजरात में एक भी चुनाव नहीं जीत पाई है। त्रिपुरा में कांग्रेस 33 वर्षों से मुख्यमंत्री नहीं बना पाई है, और बंगाल में कांग्रेस को 54 वर्षों से कोई जीत हासिल नहीं हुई है। भ्रामक प्रचार और नकारात्मक राजनीति से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में जनता ने कांग्रेस को सिरे से नकार दिया है।"
जेपी नड्डा ने कहा कि एसआईआर को घुसपैठियों को बचाने और भ्रम फैलाने के बहाने के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय, राहुल गांधी और कांग्रेस को जनता का विश्वास जीतने का प्रयास करना चाहिए। जनता का विश्वास मोदी जी, भाजपा और एनडीए के साथ है। 2029 में एनडीए एक बार फिर भारी बहुमत से सरकार बनाएगा और कांग्रेस को लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ेगा। जनता के जनादेश की सच्चाई को आरोपों से नहीं बदला जा सकता।
13.39 करोड़ नामों पर क्या है बीजेपी का तर्क?
बीजेपी के मुताबिक, 13.39 करोड़ का आंकड़ा मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान ASDD और संबंधित श्रेणियों में चिह्नित नामों से जुड़ा है। पार्टी का कहना है कि इसे सीधे 13.39 करोड़ मतदाताओं की अंतिम कटौती बताना सही नहीं है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इन श्रेणियों में 2.80 करोड़ मृत मतदाता, 6.30 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, 3.01 करोड़ अनुपस्थित या पता नहीं चल पाने वाले मतदाता और 1.02 करोड़ डुप्लीकेट प्रविष्टियां शामिल हैं। इनके अलावा 0.26 करोड़ नाम अन्य श्रेणियों में रखे गए हैं। इन सभी को मिलाकर कुल आंकड़ा 13.39 करोड़ होता है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े SIR के दौरान चिह्नित प्रविष्टियों से संबंधित हैं। ड्राफ्ट सूची में नाम शामिल नहीं होने और अंतिम मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के बीच अंतर है। पात्र मतदाताओं के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम शामिल कराने और आपत्ति दर्ज करने के रास्ते भी उपलब्ध कराए गए हैं।
