तृणमूल कांग्रेस (TMC) में सियासी संकट है कि खत्म ही नहीं हो रहा है। इस बीच पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने बागी नेताओं पर तीखा हमला बोला है, इतना ही नहीं टीएमसी सुप्रीमो ने उन्हें खुली चुनौती भी दी है। ममता ने कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में औपचारिक रूप से शामिल होकर उनका सामना करें, बजाय इसके कि भाजपा के इशारे पर तृणमूल कांग्रेस को तोड़ने की साजिश रचें।
ममता बनर्जी ने बागियों पर साधा निशाना।
फेसबुक लाइव के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को किया संबोधित
शनिवार को फेसबुक लाइव के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी भावुक नजर आईं। उन्होंने अपने नेतृत्व का बचाव किया और कहा कि कुछ नेताओं के पार्टी छोड़ने से तृणमूल कांग्रेस खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति पार्टी छोड़ सकते हैं, लेकिन कोई संस्था खत्म नहीं होती।
ममता ने बागी नेताओं को "विश्वासघाती" और "एहसान फरामोश" बताते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों तक वे तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर सांसद, विधायक और मंत्री बने रहे। अगर उन्हें कोई शिकायत थी तो उन्होंने चुनाव से पहले या सत्ता में रहते हुए कभी क्यों नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि भाजपा के इशारे पर पार्टी के खिलाफ साजिश रची जा रही है।
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इस दौरान ममता बनर्जी ने घोषणा की कि वरिष्ठ नेता सुब्रत बख्शी के पूरी तरह स्वस्थ होने तक वह पार्टी प्रमुख के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभालेंगी। उन्होंने कुणाल घोष और मदन मित्रा को पार्टी का महासचिव भी नियुक्त किया।
चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे पर क्या बोलीं ममता
ममता ने पार्टी छोड़ने वाली प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे को अधिक महत्व देने से इनकार करते हुए कहा कि वह काफी समय से पद छोड़ना चाहती थीं और उनका बेटा पहले ही बागी गुट के साथ जा चुका था। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं के चले जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
बागी गुट द्वारा तृणमूल कांग्रेस के 'दो फूल' चुनाव चिह्न पर दावा किए जाने को लेकर भी ममता ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव चिह्न की कोई चिंता नहीं है और बंगाल की जनता ऐसे षड्यंत्रों को अच्छी तरह समझती है। उन्होंने दावा किया कि चाहे जितनी कोशिश कर ली जाए, उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
पार्टी मुख्यालय पर कब्जे की कोशिश पर कही ये बात
ममता ने शुक्रवार को बागी गुट द्वारा पार्टी मुख्यालय पर कब्जे की कोशिश और कार्यालय में ताले लगाने की घटना की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी इमारत पर ताला लगाया जा सकता है, लेकिन लोगों के दिलों पर नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी का कार्यालय किराये के वैध समझौते के तहत अक्टूबर 2027 तक उनके कब्जे में है और उसका किराया व अन्य खर्च नियमित रूप से चुकाया जा रहा है।
शुभेंदु पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन में ममता ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का नाम लिए बिना उन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज जो मुख्यमंत्री बने हैं, वे कभी तृणमूल कांग्रेस और उससे पहले कांग्रेस में थे तथा उनके चुनाव प्रचार के लिए वह खुद कई बार गई थीं।
वहीं, ममता के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेता इसलिए पार्टी छोड़ रहे हैं क्योंकि राज्य में 'कट मनी' की राजनीति अब समाप्त हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि यही व्यवस्था अब तक पार्टी को जोड़े रखने का काम करती थी।
