जम्मू कश्मीर पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंक मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है। इस कार्रवाई में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो डॉक्टर भी शामिल हैं।
जम्मू कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की।(फोटो सोर्स: iStock)
गिरफ्तार आरोपियों में फरीदाबाद का डॉक्टर भी शामिल
इनके पास से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और करीब 2,900 किलोग्राम आईईडी बनाने का सामग्री बरामद किया है। जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में फरीदाबाद के डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई और कुलगाम निवासी डॉक्टर आदिल शामिल है। जांच में सामने आया है कि ये लोग विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे और सोशल और एजुकेशनल नेटवर्क्स के जरिए फंड जुटा रहे थे।
मुजम्मिल पेशे से अल फलाह यूनिवर्सिटी का डॉक्टर है। वो करीब साढ़े तीन साल से फरीदाबाद में रह रहा था। वो यूनिवर्सिटी के कैंपस में ही डॉक्टर के रूप में काम कर रहा था।
पुलिस ने जानकारी दी कि यह 'व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क' था जिसमें कुछ प्रोफेशनल्स और छात्र आतंकियों से जुड़े हुए थे। वो एन्क्रिप्टेड चैनलों के माध्यम से विचारधारा फैलाने, फंड मूवमेंट और हथियारों की सप्लाई का समन्वय कर रहे थे।
कई पेशेवरों समेत सात गिरफ्तार
पुलिस ने इस आतंकी मॉड्यूल से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो डॉक्टर और एक इमाम भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है।
- आरिफ निसार डार उर्फ साहिल, निवासी नौगाम, श्रीनगर
- यासिर-उल-अशरफ, निवासी नौगाम, श्रीनगर
- मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद, निवासी नौगाम, श्रीनगर
- मौलवी इरफान अहमद, (इमाम मस्जिद), निवासी शोपियां
- जमीर अहमद अहंगर उर्फ मुतलाशा, निवासी वाकुरा, गंदरबल
- डॉ. मुझम्मिल अहमद गनई उर्फ मुसैब, निवासी कोईल, पुलवामा
- डॉ. अदील, निवासी वानपोरा, कुलगाम
हथियारों और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री जब्त की है। बरामद किए गए हथियारों में एक चीनी स्टार पिस्टल और बेरेटा पिस्टल (गोला-बारूद सहित) एक एके-56 राइफल और एके क्रिनकोव राइफल (गोला-बारूद सहित)। लगभग 2900 किलो आईईडी बनाने का सामान, जिसमें विस्फोटक, रासायनिक पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरियां, तार, टाइमर, रिमोट कंट्रोल और धातु की चादरें शामिल हैं।
फंडिंग और विदेशी कनेक्शन की जांच तेज
पुलिस ने बताया कि आतंकियों को मिलने वाले फंड और विदेशी सपोर्ट की जांच जारी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह नेटवर्क न केवल आतंकी गतिविधियों को समर्थन दे रहा था, बल्कि तकनीकी संसाधन और फर्जी पहचान पत्रों के जरिए वित्तीय लेनदेन भी कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे तंत्र के विदेशी नेटवर्क और संपर्कों को खंगाल रही हैं।
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