चंपत राय और अनिल मिश्रा आरोपी क्यों नहीं? राम मंदिर दान चोरी जांच पर भड़की कांग्रेस, जयराम रमेश ने पूछे पांच सवाल

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर राजनीति गर्मा गई है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मोदी सरकार और पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि मामले को रफा-दफा करने की जल्दबाजी की जा रही है।

अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की चोरी का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि एसआईटी (SIT) की जांच का मुख्य मकसद केवल छोटे-मोटे चोरों को पकड़ना रहा, जबकि उन बड़े चेहरों को बचाने की कोशिश की जा रही है जिनकी देखरेख में यह सब हुआ।

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft

राम मंदिर दान चोरी मामला

जयराम रमेश का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में 105 बार चोरी की घटनाएं कैद हुईं, लेकिन पुलिस ने जांच को इतनी जल्दबाजी में बंद क्यों कर दिया? उन्होंने सवाल उठाया कि जब चोरी का वीडियो 4 जून को ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पास पहुंच गया था और 5 जून को सीसीटीवी देखा जा चुका था, तो एफआईआर दर्ज कराने में 25 जून तक यानी पूरे 21 दिनों का समय क्यों लगा? इस 21 दिन की देरी के पीछे का सच देश के सामने आना चाहिए।

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