Rashtravad : बागेश्वर धाम सरकार आखिर कैसे किसी के मन की बात जान लेते हैं, कैसे होता है कि कोई उनके करीब पहुंचता है और उसकी समस्या पहले ही वो पर्ची पर लिख चुके होते हैं। बागेश्वर धाम सरकार का ये दावा वाकई चमत्कार है या सब गोलमाल है। बागेश्वर सरकार का ये लाइव डेमो कहीं फिक्स तो नहीं? खुद पर उठे तमाम सवालों के बीच बागेश्वर धाम सरकार उर्फ धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपने भक्तों के बीच दरबार लगा रहे हैं। नागपुर में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने जो चमत्कार दिखाने का चैलेंज दिया था। बागेश्वर सरकार ने वो चैलेंज वहां भले स्वीकार ना किया हो लेकिन रायपुर में उनके चमत्कारों का LIVE डेमो हो रहा है। ये चमत्कार है या क्या है, इस पर आगे बात करेंगे ?
बागेश्वर सरकार के समर्थन में रामदेव, उन्होंने कहा कि सिर्फ हिंदू बाबा पर सवाल क्यों? फर्जी शास्त्रियों को नहीं जानता। लेकिन धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में योगगुरु रामदेव जैसे कई साधु-संत आ गए हैं। तो उधर योगेश्वर सरकार को टारगेट करने का सवाल उठाकर मुद्दा राजनीतिक भी हो चला है।
राष्ट्रवाद में आज का मुद्दा है कि क्या बागेश्वर सरकार में विश्वास के आगे अंधविश्वास ? क्या ये लड़ाई एंटी हिंदू 'इकोसिस्टम' Vs सनातन की? और सबसे बड़ा जो सवाल उठ रहा है कि बागेश्वर सरकार का 'LIVE डेमो' कहीं फिक्स तो नहीं? वैसे तो बागेश्वर धाम सरकार उर्फ धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दावा है कि उन्हें कोई चमत्कार करना नहीं आता। उनका दावा है कि वो अंधविश्वास में यकीन नहीं रखते। बस केवल बाला जी यानी हनुमान जी की प्रेरणा से भक्तों को उनकी समस्या बता देते हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत की टीम भी रायपुर में बागेश्वर सरकार के दरबार में मौजूद थी। हमारे समाने बाबा ने कुछ भक्तों की समस्या खुद से जान लेने का दावा किया। क्या हुआ आप भी देखिए। बागेश्वर सरकार के इस LIVE डेमो का सच क्या है, टाइम्स नाउ नवभारत इसकी प्रामाणिकता को लेकर कोई दावा नहीं करता। ये वाकई जैसा कि दावा है कि हनुमान जी की प्रेरणा है यानी एक तरह से चमत्कार है? या कोई Hidden Science है ? या जो कुछ दिख रहा है वो सब कुछ फिक्स है ?
ये वो सवाल हैं जिसका जवाब आप दर्शकों की तरह हमें भी चाहिए। इसीलिए आज हमने राष्ट्रवाद में फिर से इस मुद्दे को उठाया है। हमारी टीम ने जो रायपुर में जो आँखों देखा वो रिपोर्ट आपके सामने हमने रखा है। हमने बागेश्वर सरकार के भक्तों से बात भी की। सुनिए बागेश्वर सरकार के भक्त क्या कहते हैं। बागेश्वर सरकार जब कटघरे में आए तो उन्होंने सनातन की ढाल ली। उन्होंने कहा कि वो सनातनी हैं इसलिए निशाने पर हैं।
इस अंधविश्वास पर चुप्पी क्यों? इस बीच ये सवाल भी उठे हैं कि ईसाई मिशनरियों और पीर-बाबाओं के चमत्कार पर चुप्पी क्यों साधी जाती है? और इसी सवाल के साथ योगगुरु रामदेव और बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने बागेश्वर सरकार का समर्थन कर दिया है। ये बात सच है कि सनातन धर्म एंटी हिंदू ईकोसिस्टम के निशाने पर रहा है। लेकिन ये बात भी उतनी ही सच है कि सनातन की आड़ अंधविश्वास के सवाल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उधर बागेश्वर सरकार के समर्थन में अगर बीजेपी नेता सामने आए हैं। तो उनके विरोध में भी राजनीतिक सुर उठे हैं। सुनिए मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने क्या कहा है ?
राष्ट्रवाद का सवाल
1. भक्तों के बीच बागेश्वर सरकार के चमत्कार का पूरा सच क्या है, कहीं ये फिक्स तो नहीं ?
2. क्या बागेश्वर सरकार के मामले में सनातन की ढाल लेने से 'अंधविश्वास' का मुद्दा पीछे छूट रहा है ?
3. 'एंटी हिंदू ईकोसिस्टम Vs सनातन' की लड़ाई में सियासत कौन ढूंढ़ रहा है ?
