IRCTC New Record: त्योहारों के सीजन में रेलवे टिकटों की बढ़ती मांग के बीच IRCTC ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग को लेकर नया रिकॉर्ड बनाया है। 7 सितंबर 2026 को एक ही दिन में 20,06,353 टिकट बुक किए गए, जो IRCTC की अब तक की सबसे बड़ी एक दिन की बुकिंग है। खास बात यह रही कि इतनी बड़ी संख्या में टिकट बुकिंग के बावजूद IRCTC का NGeT यानी Next Generation e-Ticketing सिस्टम न तो फेल हुआ और न ही आउटेज हुआ।
तत्काल और ARP बुकिंग पर IRCTC की बड़ी जीत (फाइल फोटो)
इसके अगले दिन 8 सितंबर को भी 19,50,699 टिकट बुक किए गए। पिछले साल के फेस्टिव सीजन में एक दिन में सबसे ज्यादा 18,40,203 टिकट 19 अगस्त को बुक हुए थे। यानी इस बार IRCTC ने पिछले साल के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
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पहले 15 मिनट में सबसे ज्यादा भीड़, लेकिन 85% से ज्यादा बुकिंग बाद में
IRCTC के मुताबिक, टिकट बुकिंग विंडो खुलने के बाद सुबह 8 से 9 बजे के बीच पूरे दिन की कुल बुकिंग का केवल 8.43% से 14.14% हिस्सा ही पूरा होता है। वहीं 85% से ज्यादा बुकिंग दिन के बाकी समय में सफलतापूर्वक होती है। हालांकि, सबसे ज्यादा दबाव सुबह 8 बजे से 8:15 बजे के बीच रहता है। इन शुरुआती 15 मिनट में एक साथ बड़ी संख्या में यात्री टिकट बुक करने की कोशिश करते हैं और सिस्टम पर सबसे ज्यादा concurrent demand आती है।
IRCTC ने पुराने सर्वर हटाकर बढ़ाई सिस्टम की क्षमता
इतने बड़े ट्रैफिक को संभालने के लिए IRCTC ने NGeT सिस्टम को रिफ्रेश किया है। पुराने सर्वरों की जगह नए सर्वर लगाए गए हैं, जिससे पूरे सिस्टम की क्षमता करीब दोगुनी हो गई है। इसके साथ ही सॉफ्टवेयर को ऑप्टिमाइज किया गया और सिस्टम के आर्किटेक्चर में भी बड़े सुधार किए गए। यानी क्षमता बढ़ाने के लिए सिर्फ सर्वर नहीं बढ़ाए गए, बल्कि पूरे तकनीकी सिस्टम को ज्यादा मजबूत बनाया गया है।
15 जुलाई से नया IRCTC लुक
IRCTC ने 15 जुलाई 2026 से नए User Interface का Beta Version भी शुरू किया है। नया इंटरफेस आधुनिक डिजाइन पर आधारित है और इसमें Glassmorphism जैसी डिजाइन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। नए सिस्टम में टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को ज्यादा व्यवस्थित और आसान बनाया गया है।
खास तौर पर अब यात्री Sleeper, AC 3 Tier और AC 2 Tier जैसी अलग-अलग क्लास की उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर देख सकते हैं। इससे यात्रियों को बार-बार अलग-अलग पेज पर जाने की जरूरत कम हुई है और वे उपलब्ध विकल्पों की तुलना करके जल्दी टिकट बुक कर सकते हैं।
फर्जी BOT ट्रैफिक पर 55 से 65% तक लगाम
टिकट बुकिंग सिस्टम पर फर्जी या automated traffic को रोकने के लिए IRCTC ने Anti-BOT और CDN यानी Content Delivery Network की व्यवस्था लागू की है। IRCTC के मुताबिक, Anti-BOT तकनीक से हाल के महीनों में 55% से 65% तक malicious BOT traffic को कम किया गया है।
CDN की मदद से static content को अलग तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे NGeT सिस्टम पर दबाव कम हुआ है और वास्तविक यात्रियों के लिए बुकिंग का अनुभव बेहतर हुआ है। इसके अलावा IRCTC की Network Security Team IRCTC के नाम से चल रही फर्जी वेबसाइटों और नकली मोबाइल ऐप्स के खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है।
सुबह 8 से 8:10 बजे तक एजेंट टिकट नहीं बुक कर सकते
टिकट बुकिंग में अधिकृत एजेंटों की भूमिका को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं। YTSK, RTSA, IRCTC Agents समेत सभी अधिकृत टिकटिंग एजेंट ARP टिकट की बुकिंग शुरू होने के पहले 10 मिनट में टिकट बुक नहीं कर सकते। यानी सुबह 8 बजे से 8:10 बजे तक ARP बुकिंग विंडो में एजेंटों को टिकट बुक करने की अनुमति नहीं है।
शुरुआती ARP बुकिंग में Aadhaar से सत्यापन जरूरी
12 अक्टूबर 2025 से ARP की शुरुआती बुकिंग विंडो में सिर्फ Aadhaar-authenticated यानी आधार से सत्यापित यूजर्स को टिकट बुक करने की अनुमति है। IRCTC के मुताबिक, NGeT सिस्टम ने हर ARP opening day पर 1.33 करोड़ से 1.74 करोड़ तक लॉगिन और 17 लाख से 20 लाख तक टिकट बुकिंग को सफलतापूर्वक संभाला है।
3.04 करोड़ User IDs बंद, 6.33 करोड़ IDs revalidation में
ऑनलाइन टिकट बुकिंग के गलत इस्तेमाल और संदिग्ध गतिविधियों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 3.04 करोड़ User IDs को deactivate किया गया है, जबकि 6.33 करोड़ User IDs को revalidation के लिए रखा गया है। इसके अलावा 16,041 संदिग्ध email domains को block किया गया है। साइबर अपराध से जुड़ी कार्रवाई के तहत Cyber Crime Portal पर 592 शिकायतें भी दर्ज की गई हैं। इन शिकायतों में कुल 4.21 लाख संदिग्ध PNR शामिल हैं।
20 लाख से ज्यादा टिकट बुकिंग के बावजूद सिस्टम नहीं हुआ डाउन
IRCTC के मुताबिक, टिकट बुकिंग के दौरान असाधारण रूप से ज्यादा संख्या में यूजर्स के एक साथ सिस्टम पर आने के बावजूद NGeT प्लेटफॉर्म में कोई failure या outage नहीं हुआ। IRCTC का दावा है कि सिस्टम ने एक साथ आने वाली बड़ी संख्या में requests को संभालते हुए लगातार काम किया और वास्तविक यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को सुरक्षित और समान तरीके से जारी रखा।
IRCTC का कहना है कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग को और बेहतर बनाने के लिए सर्वर क्षमता, सॉफ्टवेयर, यूजर इंटरफेस, Anti-BOT और साइबर सिक्योरिटी समेत कई स्तरों पर लगातार अपग्रेड जारी रहेंगे।
