International Yoga Day 2025: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर भारतीय सेना दुनियाभर में भारतीय राजनयिक मिशनों और सांस्कृतिक केंद्रों के सहयोग से बड़े उत्साह के साथ योग कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इस वर्ष योग दिवस की थीम—स्वास्थ्य, समरसता और समग्र कल्याण को ध्यान में रखते हुए 21 जून से पहले कई देशों में योग सत्र आयोजित किए गए हैं। म्यांमार के डिफेंस सर्विसेज अकादमी (DSA) में 19 जून को शाम 4 से 5 बजे तक योग सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में पीजी और डिप्लोमा कोर्स के सभी छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विशेष रूप से 45 बर्मी सैन्य अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई, जिससे यह कार्यक्रम जीवंत और प्रेरणादायक बन गया। योग के माध्यम से शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता और आंतरिक शांति का महत्व उजागर हुआ।
योग के जरिए भारतीय सेना ने दिया स्वास्थ्य और सद्भाव का संदेश
भारतीय सेना ने आयोजित किया योग प्रशिक्षण सत्र
कजाकिस्तान के अस्ताना स्थित नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी में भारतीय सेना की प्रशिक्षण टीम (IATT) ने स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र के सहयोग से 19 जून को एक विशेष योग सत्र आयोजित किया। इस पहल ने कजाख सशस्त्र बलों को पहली बार योग से परिचित कराया और यह बताया गया कि कैसे योग तनाव और जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने में सहायक है। ताशकंद, उज्बेकिस्तान में भारतीय दूतावास के तत्वावधान में योग को राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में मनाया जा रहा है। लाल बहादुर शास्त्री सेंटर फॉर इंडियन कल्चर (LBSCIC) और IATT इस आयोजन का नेतृत्व कर रहे हैं। कार्यक्रम में उज्बेक सरकार, रक्षा मंत्रालय, सैन्य अकादमी और विभिन्न नागरिक संस्थानों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
LBSCIC के प्रमाणित योग प्रशिक्षकों द्वारा ताशकंद में पहले से ही कई योग सत्र आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें फ्रेंड्स ऑफ फ्रेंडली कंट्रीज़ (FFC) के सदस्य भी शामिल हुए हैं। इन आयोजनों ने वैश्विक एकता, स्वास्थ्य और सद्भाव का संदेश और मजबूत किया है। भारतीय सेना का यह वैश्विक योग अभियान एक बार फिर उसके उस संकल्प को दर्शाता है, जिसमें वह समग्र स्वास्थ्य, मानसिक जागरूकता और साझा वैश्विक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
