Lokayan 26: भारतीय नौसेना का सेल ट्रेनिंग शिप (पाल वाला जहाज) INS सुदर्शिनी अपने ऐतिहासिक महासागरीय अभियान ‘लोकायन-26’ के तहत 2 फरवरी को ओमान के सलालाह बंदरगाह पहुंचा। यह इस 10 महीने लंबे अभियान का पहला अंतरराष्ट्रीय पोर्ट कॉल है।
10 माह के अभियान पर INS सुदर्शनी
कब हुआ था रवाना
कोच्चि से 20 जनवरी को रवाना हुआ यह पोत भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और समुद्री कूटनीति का प्रतीक है। तीन दिवसीय प्रवास के दौरान ओमान की रॉयल नेवी के साथ पेशेवर संवाद और प्रशिक्षण गतिविधियां होंगी। साथ ही आम जनता और स्कूली बच्चों के लिए पोत को खोला जाएगा।
10 माह लंबा अभियान
लोकायन-26 लगभग 10 महीने तक चलेगी। इस दौरान INS सुदर्शिनी 22,000 नॉटिकल माइल से ज्यादा की दूरी तय करते हुए 13 देशों के 18 बंदरगाहों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। लोकायन-26 भारत की समुद्री विरासत के साथ वसुधैव कुटुम्बकम की भावना और वैश्विक समुद्री सहयोग की भावना का प्रतीक है। इस अभियान के तहत भारतीय नौसेना कई देशों के संग सहयोग और समुद्री मित्रता का रास्ता बना रही है।
कोच्चि से हुआ शुभारंभ
20 जनवरी 2026 को वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी नौसेना कमान ने नौसेना बेस, कोच्चि से INS सुदर्शिनी को लोकायन-26 अभियान के लिए रवाना किया था। इस अवसर पर वरिष्ठ नौसेना अधिकारी, नौसेना कर्मी, स्कूल के बच्चे, चालक दल के परिजन सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान लोकायन-26 की स्मृति पट्टिका का अनावरण किया गया।
ओमान के सलालाह बंदरगाह पहुंचा INS सुदर्शिनी
वाइस एडमिरल सक्सेना ने चालक दल से बातचीत में INS सुदर्शिनी को भारत का 'एम्बेसडर एट लार्ज' बताया और कहा कि यह यात्रा देशों और महासागरों के पार मित्रता और सहयोग के पुल बनाएगी। पारंपरिक विदाई समारोह में तीन मस्तूलों वाला यह जहाज नौसेना बैंड की धुनों के बीच अपनी पाल खोलकर समुद्री सफर पर निकला।
इन कार्यक्रमों में शामिल होगा INS सुदर्शिनी
INS सुदर्शिनी मार्च–अप्रैल 2026 में फ्रांस के प्रतिष्ठित समुद्री महोत्सव एस्केल-ए सेट (Escale à Sète) में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी। इसके बाद जुलाई 2026 में अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ के अवसर पर न्यूयॉर्क में आयोजित Sail 250 – इंटरनेशनल परेड ऑफ सेल्स में हिस्सा लेगा। इन आयोजनों में INS सुदर्शिनी भारत का प्रतिनिधित्व विश्व की प्रसिद्ध टॉल शिप्स के साथ करेगी।
