नौसेना के बेड़े में आज शामिल होगा INS अंजदीप, पनडुब्बी विरोधी अभियान में अहम भूमिका निभाएगा 'फौलाद' से बना यह पोत

नौसेना के पुराने होते 'अभय-श्रेणी' के जहाजों को बदलने के लिए इन ASW-SWC कार्वेट का निर्माण स्वदेशी रूप से किया जा रहा है। इस रणनीतिक प्रयास में योगदान देते हुए, सेल (SAIL) ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) द्वारा बनाए जा रहे आठ ASW-SWC कार्वेट के लिए लगभग 3,500 टन विशेष-ग्रेड स्टील की पूरी मात्रा की आपूर्ति की है।

INS Anjadip: भारतीय नौसेना में आज INS अंजदीप शामिल होने जा रहा है। पनडुब्बी विरोधी अभियान चलाने में माहिर अंजदीप एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) का तीसरा युद्धपोत है। इस तरह के आठ पोत नौसेना को मिलने वाले हैं। खास बात यह है कि इसके निर्माण में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने स्टील की आपूर्ति की है। इससे पहले पिछले साल आईएनएस अरनाला और आईएनएस एंड्रोथ भी शामिल किए जा चुके हैं।

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नौसेना के बड़े में शामिल होगा आईएनएस अंजदीप। तस्वीर-X/ @IndiannavyMedia

3,500 टन विशेष-ग्रेड स्टील की आपूर्ति

नौसेना के पुराने होते 'अभय-श्रेणी' के जहाजों को बदलने के लिए इन ASW-SWC कार्वेट का निर्माण स्वदेशी रूप से किया जा रहा है। इस रणनीतिक प्रयास में योगदान देते हुए, सेल (SAIL) ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) द्वारा बनाए जा रहे आठ ASW-SWC कार्वेट के लिए लगभग 3,500 टन विशेष-ग्रेड स्टील की पूरी मात्रा की आपूर्ति की है। इस स्टील की आपूर्ति सेल के बोकारो, भिलाई और राउरकेला स्थित एकीकृत इस्पात संयंत्रों से की गई है, जो देश की डोमेस्टिक सप्लाई चेन की मजबूती को रेखांकित करता है।

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