भारत अपनी आर्थिक ताकत को दुनिया में तेजी से बढ़ा रहा है और मॉस्को में हुई उच्चस्तरीय बैठकों ने इस बात पर फिर से मुहर लगा दी है। वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने भारत-यूरेशियन आर्थिक संघ (EAEU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की प्रगति की समीक्षा की और साफ कर दिया कि हिंदुस्तान अब वैश्विक व्यापार का बड़ा खिलाड़ी बनकर उभर रहा है।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की फाइल फोटो।(फोटो सोर्स: PTI)
एक्सपोर्ट को नई उड़ाने देना भारत का लक्ष्य
इस दौरान उन्होंने यूरेशियन आर्थिक आयोग के व्यापार मंत्री आंद्रे स्लेपनेव, रूसी उद्योग एवं व्यापार उप मंत्री मिखाइल युरिन, और भारत-रूस उद्योग जगत के नेताओं के साथ गहन बातचीत की। फोकस साफ था कि भारत के एक्सपोर्ट को नई उड़ान, सप्लाई चेन को मजबूती और दोनों देशों के बीच व्यापार को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचाना।
EAEU के साथ FTA का रोडमैप भी तय
भारत और रूस ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है और इस दिशा में बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। EAEU के साथ FTA का रोडमैप भी तय है, जिसमें MSME, किसानों और मछुआरों के लिए नए बाजार तैयार करना शामिल है। सिर्फ वस्तुओं तक सीमित रहने की बजाय अब सेवाओं और निवेश के बड़े सेक्टर भी चर्चा के दायरे में आने वाले हैं।
मॉस्को वार्ता में फार्मा, टेलीकॉम, मशीनरी, ऑटोमोबाइल, रसायन, चमड़ा जैसे सेक्टरों पर तेज़ी से काम करने पर सहमति बनी। सबसे बड़ी बात दोनों देश हर तिमाही में रेगुलेटर-टू-रेगुलेटर बैठक करेंगे ताकि गैर-टैरिफ अड़चनों को तुरंत हटाया जा सके।
उद्योग सम्मेलन में वाणिज्य सचिव ने कंपनियों को साफ संदेश दिया कि “भारत की लॉजिस्टिक्स, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सह-उत्पादन की क्षमताओं का पूरा फायदा उठाइए और अपने प्रोजेक्ट 2030 लक्ष्य के साथ मैच कीजिए।”
भारत आज दुनिया के लिए एक भरोसेमंद पार्टनर है और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने की राह पर तेजी से बढ़ रहा है। मॉस्को में हुई यह बातचीत इसी बदलते, मजबूत होते और आत्मनिर्भर होते हिंदुस्तान की कहानी कहती है।
