इंडियन एयरफोर्स ने कमजोरी को बनाया ताकत, 180 फाइटर जेट्स के लिए खोला दिल, अब धड़ाधड़ होगी डिलीवरी

IAF New Fighter Jets Contract: IAF तीन जरूरी जरूरतें पूरी होने के बाद ही एयरक्राफ्ट को स्वीकार करेगी: मिसाइल फायरिंग टेस्ट का पूरा होना, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) सूट के साथ रडार का इंटीग्रेशन, और वेपन पैकेज का वैलिडेशन। ये चीजें Mk1A के कॉम्बैट इफेक्टिवनेस की रीढ़ हैं।

Indian Air Force News: सालों के इंतजार और बार-बार टाइमलाइन के दबाव के बाद, तेजस Mk1A (Tejas Mk1A) के लिए इंडियन एयर फोर्स का लंबा इंतजार आखिरकार एक ऑपरेशनल टर्निंग पॉइंट के करीब आ सकता है। IAF और केंद्रीय रक्षा मंत्रालय हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों से कुछ छूट देने पर सहमत हो गए हैं, इस कदम का मकसद यह पक्का करना है कि लंबे समय से रुके हुए फाइटर जेट्स की डिलीवरी अगले फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में शुरू हो जाए।

इंडियन एयरफोर्स ने कमजोरी को बनाया ताकत, 180 फाइटर जेट्स के लिए खोला दिल

इंडियन एयरफोर्स ने कमजोरी को बनाया ताकत, 180 फाइटर जेट्स के लिए खोला दिल

यह सब एक तेजस जैसे प्रोग्राम के लिए हो रहा है, जिसने अक्सर राष्ट्रीय गौरव और इंस्टीट्यूशनल जांच दोनों को जोड़ा है। यह फैसला एक प्रैक्टिकल बदलाव का संकेत देता है। यह IAF, डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन की एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA), और HAL के बीच एक साझा समझ को दिखाता है कि ऑपरेशनल अर्जेंसी अब इंडस्ट्रियल हकीकत के साथ अलाइन होनी चाहिए।

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