Atomic Power Plants in India: देश में बिजली के परंपरागत स्रोत से इतर परमाणु ऊर्जा दूसरा विकल्प है। देश में इस समय 6780 मेगावाट बिजली का उत्पादन एटॉमिक पावर प्लांट से हो रहा है और इस क्षमता तो 22480 मेगावाट तक ले जाने की है। केंद्र सरकार ने 10 और न्यूक्लियर रिएक्टर स्थापित करने का फैसला किया है जो पांच राज्यों में लगाए जाएंगे। संयंत्रों के स्थापना की जिम्मेदारी पीएसयू को दी गई है। परमाणु ऊर्जा मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस खास काम को विशेष एजेंसियों द्वारा अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। कैगा, चुटका और गोरखपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में प्रत्येक में दो परमाणु रिएक्टर स्थापित किए जाएंगे वहीं राजस्थान के माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र में चार परमाणु रिएक्टर स्थापित किए जाएंगे।
देश के पांच राज्यों में लगेंगे 10 न्यूक्लियर पावर प्लांट
एटॉमिक पावर प्लांट पर एक नजर
- कर्नाटक, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान में लगेंगे नए एटॉमिक पावर प्लांट
- कुल 10 रिएक्टर को बनाने में 1,05, 000 करोड़ का खर्च
- देश में एटॉमिक पावर प्लांट के जरिए बिजली उत्पादन में होगी बढ़ोतरी
- न्यूक्लियर पावर प्लांट से इस समय 6780 मेगावाट बिजली का उत्पादन
- मौजूदा क्षमता को 22480 मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य
- PHWR तकनीक पर हर एक संयंत्र की क्षमता 700 मेगावाट होगी।
दुनिया के ये हैं टॉप 5 देश
अगर वैश्विक स्तर पर देखें तो अमेरिका(91.5 GW), फ्रांस (61.3 GW), चीन (50.8GW), जापान( 31.7 GW) और रूस( 29.6GW) टॉप पांच में आने वाले वो देश हैं जहां पर गीगवाट में एटॉमिक पावर प्लांट से बिजली पैदा की जा रही है।
2015 में परमाणु ऊर्जा अधिनियम में संशोधन
परमाणु ऊर्जा विभाग के मुताबिक 2015 में परमाणु ऊर्जा अधिनियम में संशोधन किया है ताकि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के साथ एनपीसीआईएल के संयुक्त उद्यम को परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने में सक्षम बनाया जा सके। इन रिएक्टरों को वर्ष 2031 तक फ्लीट मोड में स्थापित करने की योजना है।
