ASEAN देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाएगा भारत, युवाओं के लिए ‘डिफेंस यूथ ब्रिज’ का प्रस्ताव

भारत ने समुद्री सुरक्षा को क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। भारत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन, समुद्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और हवाई क्षेत्र से गुजरने की स्वतंत्रता सभी देशों के साझा हित में है।

भारत ने ASEAN देशों के साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए ‘डिफेंस यूथ ब्रिज’ स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इसका उद्देश्य भारत और ASEAN देशों के युवाओं को जोड़ना, डिजिटल तकनीक और नए प्रयोगों को बढ़ावा देना तथा रक्षा क्षेत्र में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को मजबूत करना है। भारत का मानना है कि दोनों पक्षों की युवा आबादी उनकी बड़ी ताकत है और आपसी सहयोग से क्षेत्र के भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

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ASEAN देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाएगा भारत। तस्वीर-AI

भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए ASEAN देशों के साथ मिलकर काम करना जरूरी है। समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, संयुक्त सैन्य अभ्यास और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

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