कर्तव्य पथ पर Brahmos से लेकर Akash और 'सूर्यास्त्र' की धाक, दिखी भारत की आन, बान और शान, दुनिया ने किया हमारी ताकत को सलाम

परेड में प्रदर्शित प्रमुख हथियार प्रणालियों में ब्रह्मोस (Brahmos) और आकाश हथियार प्रणाली (Akash), रॉकेट लॉन्चर 'सूर्यास्त्र' (Suryastra), मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन (Arjun Tank) और स्वदेशी रूप से निर्मित सैन्य प्लेटफार्मों और हार्डवेयर की एक श्रृंखला शामिल थी। करीब 100 सांस्कृतिक कलाकारों की परेड की शुरुआत हुई, जिसका विषय ‘विविधता में एकता’ है।

भारत ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस (77th Republic Day) पर अपनी सांस्कृतिक विविधता, आर्थिक विकास और सैन्य कौशल का भव्य प्रदर्शन किया। इसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल की गई मिसाइलें, युद्धक विमान, नवगठित यूनिट और घातक हथियार प्रणालियां शामिल थीं। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई। यह सैन्य प्रदर्शन के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण राजनयिक क्षण भी था। हालांकि इस आयोजन का विषय वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर था, लेकिन दिल्ली के हृदय में स्थित कर्तव्य पथ पर परेड में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को भी प्रमुखता मिली।

Republic day 2026

गणतंत्र दिवस 2026 परेड में दिखी भारत की आन, बान और शान

पारंपरिक बग्गी पर सवार होकर पहुंचीं राष्ट्रपति

परेड की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सलामी लेने के साथ हुई। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष के साथ वह पारंपरिक बग्गी पर सवार होकर कर्तव्य पथ पर पहुंची थीं। परंपरा के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसके बाद राष्ट्रगान हुआ और फिर 105 एमएम लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कई अन्य केंद्रीय मंत्री, देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी, विदेशी राजनयिक और वरिष्ठ अधिकारी इस दौरान कर्तव्य पथ पर मौजूद थे।

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