राष्ट्रीय राजमार्गों को बाढ़-भूस्खलन और हीटवेव से बचाने की तैयारी; पहली क्लाइमेट एडाप्टेशन पॉलिसी बनाएगी केंद्र सरकार

देश में बाढ़, भूस्खलन, हीटवेव और अत्यधिक बारिश जैसी जलवायु चुनौतियों से राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ‘क्लाइमेट एडाप्टेशन पॉलिसी एंड गाइडलाइंस फॉर नेशनल हाईवेज’ तैयार कर रही है। इसी उद्देश्य से नई दिल्ली में एनआईडीएम ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के सहयोग से राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की।

बाढ़, भूस्खलन, हीटवेव, तूफान और अत्यधिक बारिश जैसी जलवायु संबंधी चुनौतियों के बढ़ते खतरे के बीच केंद्र सरकार देश के राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए पहली बार एक व्यापक "क्लाइमेट एडाप्टेशन पॉलिसी एंड गाइडलाइंस फॉर नेशनल हाईवेज" तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों को भविष्य की जलवायु चुनौतियों के अनुरूप अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और आपदा-रोधी बनाना है।

क्लाइमेट एडाप्टेशन पॉलिसी बनाने की दिशा में बढ़ रही केंद्र सरकार

क्लाइमेट एडाप्टेशन पॉलिसी बनाने की दिशा में बढ़ रही केंद्र सरकार।

इसी दिशा में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम) ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के सहयोग से नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में हाईकैप (HighCAP) परियोजना के तहत तैयार मसौदा नीति और दिशानिर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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