भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने आज यानी 5 मार्च को नई दिल्ली में ईरान के दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और ईरान के मारे गए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति संवेदना व्यक्त की। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज छठा दिन है और भारत ने पहली बार खामेनेई की मौत पर शोक जताया है।
भारत ने पहला बार खामेनेई की मौत पर शोक जताया है (फोटो: MEA Twitter)
अमेरिका-इजराइल के हमले में 28 फरवरी को खामेनेई की मौत हो गई थी। ईरान ने एक दिन बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की थी। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के निधन के बाद दुनिया भर के कई देशों में शोक संदेश भेजे जा रहे हैं।
भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास गए और वहां पहुंचकर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर संवेदना जताई वहीं उन्होंने शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर कर श्रद्धांजलि दी। खामेनेई के कंपाउंड पर हुए मिसाइल अटैक में उनकी पत्नी, बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत 40 कमांडर मारे गए थे।
भारत सरकार के इस कदम को बेहद अहम माना जा रहा है
बता दें कि भारत सरकार के इस कदम को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि अभी तक भारत सरकार ने इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं कहा था। वहीं अब भारत सरकार के विदेश सचिव विक्रम मिसरी दिल्ली में स्थित ईरान के दूतावास पहुंचे है।
'उत्तरी फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी टैंकर पर हमला किया'
इससे पहले हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर हमले के कुछ घंटों बाद, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार को दावा किया कि उसने उत्तरी फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी टैंकर पर हमला किया। वहीं जंग के छठे दिन ईरान ने कतर पर नए हमले किए हैं। गुरुवार तड़के कुवैत के तट के पास हुआ एक नया हमला इस बात का संकेत देता है कि अब व्यावसायिक जहाजरानी के लिए खतरे का दायरा और बढ़ गया है। ब्रिटिश सेना द्वारा संचालित UKMTO ने बताया कि यह हमला उत्तरी पर्शियन गल्फ में कुवैत के तट के नजदीक हुआ। यूकेएमटीओ के अनुसार, क्षेत्र में जोरदार विस्फोट हुआ।
