India's First Rail Cable Bridge: देश का पहला रेल केबल ब्रिज अंजी खड पुल बनकर तैयार हो गया है। भारतीय रेलवे ने रिकॉर्ड समय में ये काम पूरा किया है। हिमालय की प्रतिकूल भौगोलिक परिस्थितियों में भी रेलवे ने इस असंभव से दिखने वाले कार्य को पूरा कर दिखाया है। ये रेलवे की महत्वाकांक्षी उधरपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक परियोजना का हिस्सा है जो कटरा से रियासी को जोड़ेगा। यह भारतीय रेलवे का पहला केबल पर बिछाया गया पुल है। इसकी खासियत है कि यह अधिक गर्मी और सर्दी में ब्रिज के केबल अपना आकार नहीं बदलेंगे और ट्रेनों को परिचालन सुरक्षित तरीके से होगा।
देश का पहला रेल केबल ब्रिज अंजी खड पुल बनकर तैयार
इंजीनियरिंग चमत्कार से कम नहीं
अंजी खड पुल का निर्माण केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले में किया गया है। अंजी खड ब्रिज जम्मू से करीब 80 किमी दूर स्थित है। 725 मीटर लंबा ये पुल किसी इंजीनियरिंग चमत्कार से कम नहीं है। ब्रिज के केबल 15.7 मिमी व्यास में डिजाइन किए गए हैं और केबल की लंबाई 80 मीटर से 295 मीटर के बीच है। इस ब्रिज को कुल 96 केबल के साथ डिजाइन किया गया है और इनका वजन 848 मीट्रिक टन है। इसमें इस्तेमाल केबल की कुल लंबाई 653 किलोमीटर है। अधिकारियों ने बताया कि आखिरी केबल लगाने का काम 26 अप्रैल को पूरा हुआ था और ये पूरा प्रोजेक्ट रिकॉर्ड 11 महीने में पूरा हुआ है। अपनी खासियतों की वजह से यह देश भर में ध्यान आकर्षित कर रहा है।
केबल ब्रिज के कुछ अहम तथ्य
- अंजी खड ब्रिज भारतीय रेलवे द्वारा शुरू की गई सबसे कठिन परियोजनाओं में से एक है। यह पुल जम्मू-बारामूला लाइन के कटरा और रियासी खंड को जोड़ता है।
- यह पुल जम्मू शहर से सड़क मार्ग से लगभग 80 किमी दूर है। यह हिमालय के सुरम्य पहाड़ों में स्थित है। जटिल, नाजुक और चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय विशेषताओं के कारण, आईआईटी, रुड़की और आईआईटी, दिल्ली द्वारा साइट की विशिष्ट जांच की गई है।
- उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के कटरा-बनिहाल खंड पर केबल-स्टे ब्रिज सुरंग T2 और T3 को जोड़ता है।
- पुल की जटिल भौगोलिक स्थिति के कारण यह काफी मजबूती से बनाया गया है। यह 213 किमी प्रति घंटे की हवा का सामना कर सकता है।
- केबल ब्रिज उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना की राष्ट्रीय परियोजना का एक हिस्सा है।
- पुल की कुल लंबाई 725 मीटर है, जिसमें केबल से जुड़ा हिस्सा 473.25 मीटर का है।
- इसमें 96 केबल का सपोर्ट है, जो इसे देश का सबसे लंबा केबल-स्टे ब्रिज बनाता है। एक बार पूरा होने पर पुल पर ट्रेनें 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी।
अंजी खड पुल को शुरू में एक आर्च ब्रिज के रूप में प्रस्तावित किया गया था, जो सबसे ऊंचे चेनाब ब्रिज की तरह ही डिजाइन किया गया था। बाद में एक समिति ने सिफारिश की कि जटिल संरचना के कारण ये जगह आर्च ब्रिज के लिए उपयुक्त नहीं है। 2016 में भारतीय रेलवे ने भौगोलिक दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए एक केबल-स्टे ब्रिज बनाने का फैसला किया। यह पुल कटरा की तरफ टी2 टनल और रियासी की तरफ टी3 टनल को जोड़ेगा।
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