India, Canada NSAs hold talks : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की शुक्रवार को कनाडा की अपनी समकक्ष नथाली जी ड्रोउइन से मुलाकात हुई। इस मुलाकात की आधिकारिक जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि एनएसए डोभाल दिल्ली में 18 सितंबर को कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं इंटेलिजेंस एडवाइजर नथाली जी ड्रोउइन से मिले। बयान के मुताबिक यह मुलाकात दोनों देशों के बीच नियमित द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता का हिस्सा है। यही नहीं इस मुलाकात में कनाडा में जी-7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएम कार्नी के बीच हुई बातचीत के बाद आगे की रणनीति पर दोनों एनएनए ने चर्चा की।
कनाडा की अपनी समकक्ष से दिल्ली में मुलाकात करते एनएसए अजीत डोभाल। तस्वीर-ANI
दोनों एनएसए के बीच इन मुद्दों पर हुई बात
बयान के मुताबिक दोनों पक्षों ने विश्वास बहाली और शीर्ष नेतृत्व के बीच सहयोग का विस्तार करने के लिए रिश्ते में स्पष्ट गति एवं दिशा का होना स्वीकार किया। दोनों एनएसए ने द्विपक्षीय रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए काउंटर-टेररिज्म, संगठित अपराध से लड़ाई और खुफिया आदान-प्रदान पर सार्थक बातचीत की। इसके अलावा वे आपसी भागीदारी के मौजूदा तंत्र को और मजबूत बनाने और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए।
ट्रूडो के समय बेहद तल्ख हुए रिश्ते
उन्होंने सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और मौजूदा सहभागिता तंत्र को सुदृढ़ करने पर सहमति जताई। बातचीत में प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर व्यापक विचार-विमर्श के साथ-साथ भविष्य के सहयोग के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर भी चर्चा शामिल रही। भारत और कनाडा के बीच, पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में, खालिस्तानी मुद्दे को लेकर विवाद हुआ था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि दोनों देशों ने एक-दूसरे से अपने-अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया था।
कार्नी के आने के बाद रिश्ते सही दिशा में
हालांकि, अब स्थिति बेहतर दिखाई दे रही है, क्योंकि प्रधानमंत्री कार्नी ने नई दिल्ली के साथ संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के प्रयास किए हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी बातचीत के प्रति बढ़ते आशावाद को दोहराया और कहा कि “चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।” उन्होंने संकेत दिया कि उच्च स्तरीय दौरों और संयुक्त सुरक्षा तंत्र के निर्माण को जल्द ही एजेंडे में वापस शामिल किया जा सकता है।
