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Website हैक किए जाने के मद्देनजर सेना 'साइबर सुरक्षा' को मजबूत करने के लिए उठा रही कदम', सूत्रों के हवाले से खबर

Website Hack: हाल के दिनों में, विशेषकर 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के बाद, कई भारतीय वेबसाइट, विशेषकर शैक्षणिक संस्थानों की वेबसाइट को निशाना बनाकर साइबर हमले किए जाने की खबरें आई हैं।

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वेबसाइट (प्रतीकात्मक फोटो)

Website Hack: ‘आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी’ से जुड़े संस्थानों समेत कई वेबसाइट को हैक करने और उनसे छेड़छाड़ करने के प्रयासों के बीच सेना अपने साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने तथा डिजिटल रक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए ‘‘उचित और आवश्यक' कदम उठा रही है। सूत्रों ने सोमवार को यह बात कही। वरिष्ठ प्रबंधन के कम से कम दो सदस्यों ने सोशल मीडिया पर किए गए उन दावों को सिरे से खारिज किया कि दिल्ली आधारित विचार मंच मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान की वेबसाइट 'हैक' हो गई।

इस संबंध में एक सूत्र ने बताया कि एपीएस नगरोटा और एपीएस सुंजवान सहित कम से कम चार आर्मी पब्लिक स्कूल (APS) हैकरों के निशाने पर थे।जम्मू कश्मीर स्थित एपीएस नगरोटा और एपीएस सुंजवान की वेबसाइट सोमवार शाम बंद बंद कर दी गईं।रक्षा मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक उपक्रम की वेबसाइट भी बंद कर दी गई। हालाँकि, इसके बंद होने के कारण के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है।

पच्चीस अप्रैल को ‘आर्मी कॉलेज ऑफ नर्सिंग’ की वेबसाइट को हैक कर लिया गया और उस पर ग्राफिक दृश्य लगा दिए गए।सोमवार शाम तक वेबसाइट बंद थी।हैकिंग के दिन ‘लैंडिंग’ पेज पर एक बैनर लगा था जिसके शीर्ष पर लिखा था - 'आप हैक हो गए हैं!!! टीम इनसेन पीके'। इसके नीचे 22 अप्रैल के हमले से जुड़ी एक विचलित करने वाली तस्वीर थी।

आर्मी पब्लिक स्कूल और आर्मी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी द्वारा प्रशासित स्वायत्त संस्थान हैं।आर्मी कॉलेज ऑफ नर्सिंग जालंधर छावनी में स्थित है।सूत्रों ने कहा कि इन साइबर हमलों के जवाब में, साइबर सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आगे की घुसपैठ की कोशिशों से बचाव के लिए डिजिटल रक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए उचित और आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

इस संबंध में एक अन्य सूत्र ने बताया कि ये प्रयास ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का 'समग्र लचीलापन बढ़ाने' तथा यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं कि सुरक्षा बल 'भविष्य के साइबर खतरों से बचाव के लिए बेहतर ढंग से तैयार हों।'इसके अलावा, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और एजेंसियां साइबरस्पेस की सक्रिय रूप से निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी अतिरिक्त साइबर हमले का पता लगाया जा सके, विशेष रूप से उन हमलों का जो कथित रूप से सीमा पार संबंध रखने वाले खतरनाक तत्वों द्वारा प्रायोजित हो सकते हैं।

राजस्थान शिक्षा विभाग की वेबसाइट को हाल ही में हैक कर लिया गया था और उसके होम पेज पर 2019 में पाकिस्तान द्वारा भारतीय वायुसेना के अधिकारी अभिनंदन के पकड़े जाने को लेकर भारतीय प्रतिष्ठान का मजाक उड़ाया गया था। हैकरों ने पहलगाम हमले को लेकर भी आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की थी।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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