जुलाई में सामान्य से कम बारिश का अनुमान, IMD ने बताया क्यों कमजोर रह सकता है मानसून, जानें पांच वजहें

मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि जुलाई के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है।

उत्तर भारत इन दिनों गर्मी से त्राहिमाम कर रहा है। लोग आसमान की ओर टकटकी लगाकर देख रहे हैं कि कब बारिश होगी। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग ने जुलाई में बारिश को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है जो चिंता पैदा करने वाली है। IMD ने आज जुलाई महीने के लिए अपना मासिक पूर्वानुमान जारी कर दिया है। इसमें उसने बताया है कि जुलाई में इस बार देशभर में औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई में पूरे भारत में दीर्घकालिक औसत (Long Period Average-LPA) का लगभग 94 प्रतिशत वर्षा होने का अनुमान है।

जुलाई में इस बार सामान्य से कम बारिश का अनुमान।

जुलाई में इस बार सामान्य से कम बारिश का अनुमान। (फोटो- PTI)

IMD ने कहा कि 1971 से 2020 की अवधि के आधार पर जुलाई महीने का दीर्घकालिक औसत वर्षा (LPA) 280.4 मिमी है। विभाग ने स्पष्ट किया कि LPA किसी क्षेत्र में 30 से 50 वर्षों के दौरान दर्ज औसत वर्षा को दर्शाता है और इसी आधार पर मौसमी पूर्वानुमान तैयार किए जाते हैं।

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