Rajasthan Assembly Elections 2023: राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। राजस्थान की राजनीति का इतिहास सत्ता बदलने का रहा है। सवाल यह कि क्या कांग्रेस एक बार फिर सरकार बनाने में कामयाब होगी या बीजेपी कमल खिलाने में कामयाब होगी। इन सबके बीच कांग्रेस के भीतर राजनीतिक कलह जगजाहिर है। सचिन पायलट वैसे तो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई की बात कह सड़कों पर उतरे हैं। लेकिन उनकी मुहिम को अशोक गहलोत के खिलाफ देखा जा रहा है। इन सबके बीच अशोक गहलोत(Ashok Gehlot) ने चुनावों को लेकर दो बड़ी बात कही। पहले उन्होंने कहा कि अगर हम जिताऊ उम्मीदवारों से इतर प्रत्याशियों को चयन करेंगे तो चुनावी समर को जीतना आसान नहीं होगा। यही टिकटों के बारे में फैसला चुनाव से दो महीने पहले होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सचिन पायलट(Sachin Pilot) का नाम लिये बगैर कहा कि राजनीति में सफल होने के लिए धैर्य का होना बेहद जरूरी है।
अशोक गहलोत, सीएम, राजस्थान
सुझाव के साथ नसीहत भी
उन्होंने युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों और नेताओं से आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी करने का आह्वान करते हुए कहा कि अगर आप आगे बढ़ना चाहते हैं तो इसे ध्यान में रखें। अगर पार्टी कोई फैसला लेती है (टिकट नहीं देने का) तो आपको दुख होगा लेकिन ऐसे क्षण में जो धैर्य रखता है और आगे बढ़ता है, वह राजनीति में सफल हो जाता है। राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।अशोक गहलोत ने जिताऊ या जीतने योग्य उम्मीदवारों को ही टिकट देने की वकालत करते हुए कहा कि पार्टी को चुनाव से दो महीने पहले उम्मीदवारों का फैसला करना चाहिए ताकि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में अधिक मेहनत कर सकें।अशोक गहलोत ने कहा कि अगर हमें चुनाव जीतना है तो जीतने योग्य उम्मीदवारों को ही टिकट दिया जाना चाहिए। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर रंधावा से भी कहा है कि चुनाव से दो महीने पहले यह तय कर लिया जाए कि टिकट किसे मिलेगा। चुनाव के वक्त तो नेता भी दिल्ली की सड़कों पर घूमते-घूमते थक जाते हैं।
