पश्चिम बंगाल में राज्यपाल बनाम मुख्यमंत्री की कहानी अब बड़ी एक अलग मोड़ लेती दिख रही है। पश्चिम बंगाल में राज्यपाल सीवी आनंद बोस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच कई मुद्दों को लेकर तनातनी रही है। आरोप प्रत्यारोप चलते रहे हैं, लेकिन अब राज्यपाल ने जो ऐलान किया है, वो इस तनातनी को और बढ़ा सकता है। राज्यपाल आनंद बोस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सामाजिक बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है।
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और राज्यपाल आनंद बोस
ममता बनर्जी का सामाजिक बहिष्कार करेंगे राज्यपाल
आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बलात्कार-हत्या मामला को लेकर राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने यह ऐलान किया है। बोस ने कहा- "... बंगाल समाज के साथ एकजुटता में, मैं संकल्प लेता हूं कि मैं मुख्यमंत्री का सामाजिक बहिष्कार करूंगा। सामाजिक बहिष्कार का मतलब है कि मैं मुख्यमंत्री के साथ कोई सार्वजनिक मंच साझा नहीं करूंगा और न ही मैं किसी ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लूंगा जिसमें मुख्यमंत्री शामिल हों। राज्यपाल के रूप में मेरी भूमिका संवैधानिक दायित्वों तक ही सीमित रहेगी, जिसका निर्वहन मैंने मुख्यमंत्री के संबंध में किया है। इससे ज्यादा कुछ नहीं, इससे कम भी नहीं।"
राज्यपाल ने क्या कारण बताया
राज्यपाल ने कहा कि ममता बनर्जी राज्य की गृह मंत्री के रूप में राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने में विफल रहीं। ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। बोस ने कहा कि वह बंगाल में चिकित्सा व्यवस्था को खत्म करने में बुरी तरह विफल रहीं। राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री पर तीखा हमला किया और यहां तक कि बनर्जी को "लेडी मैकबेथ" तक कह डाला और दावा किया कि राज्य में हर जगह हिंसा हो रही है। लेडी मैकबेथ विलियम शेक्सपियर के नाटक 'मैकबेथ' की मुख्य चरित्र है। वह काफी मजबूत इरादों वाली महिला है, लेकिन अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गलत रास्ते अपनाने से भी परहेज नहीं करती।
ममता बनर्जी की थी डॉक्टरों के साथ मीटिंग
बता दें कि राज्यपाल ने यह बहिष्कार करने का ऐलान तब किया है, जब आज ही ममता बनर्जी ने इस्तीफे की बात कही है। ममता बनर्जी ने आज डॉक्टरों की मीटिंग बुलाई थी, जिसमें डॉक्टर नहीं पहुंचे, मीटिंग विफल हो गई। इसी के बाद ममता बनर्जी ने इस्तीफे की बात कही है।
