Tukaram Mundhe- महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर और अपने सख्त तेवरों के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे (Tukaram Mundhe) ने स्पष्ट किया है कि उनका तबादला नहीं हुआ है। उनके ट्रांसफर को लेकर चल रही तमाम अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने दोटूक कहा है कि मिलावटखोरों और घटिया दवाओं के खिलाफ उनका अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
तुकाराम मुंढे ने तबादले की अटकलों को खारिज किया
क्यों उड़ी थीं ट्रांसफर की अफवाहें?
हाल ही में प्रशासनिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा शुरू हो गई थी कि तुकाराम मुंडे का FDA कमिश्नर पद से तबादला कर दिया गया है। इन चर्चाओं के तूल पकड़ने की मुख्य वजह यह थी कि राज्य सरकार ने रविवार को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे को इस कमेटी का सचिव नियुक्त किया गया है। इसी नई जिम्मेदारी के बाद उनके ट्रांसफर की अटकलें तेज हो गई थीं।
तुकाराम मुंडे का स्पष्टीकरण
इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए तुकाराम मुंडे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सोमवार रात साफ किया- "नहीं, मेरा FDA से ट्रांसफर नहीं हुआ है। मैं महाराष्ट्र के एफडीए कमिश्नर के रूप में अपनी सेवाएं जारी रख रहा हूं। अंसुक्षित, घटिया, मिलावटी भोजन और नकली व दोयम दर्जे की दवाओं के खिलाफ हमारी लड़ाई लगातार जारी रहेगी।"
FDA में क्यों चर्चा में रहे हैं तुकाराम मुंडे?
अपने पूरे प्रशासनिक करियर में बार-बार तबादलों के लिए चर्चित रहे तुकाराम मुंडे का FDA कमिश्नर के रूप में कार्यकाल काफी सु्र्खियों में रहा है। मुंडे के नेतृत्व में एफडीए ने राज्यभर के रेस्टोरेंट, भोजनालयों और खाद्य कारोबारियों के खिलाफ निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई को बेहद तेज कर दिया है। अंसुक्षित और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने और लाइसेंसिंग नियमों का सख्ती से पालन कराने के कारण आम जनता और उपभोक्ताओं के बीच उनके इस अभियान को भारी समर्थन मिला है।
व्यापारियों का विरोध
दूसरी ओर, एफडीए की इन सख्त कार्रवाइयों और छापों से रेस्टोरेंट व फूड बिजनेस से जुड़े कुछ उद्योग संगठनों में नाराजगी भी देखने को मिली है। विभाग के कुछ कदमों को अदालतों में भी चुनौती दी गई है, जिससे यह मामला कानूनी और सार्वजनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
MPSC जांच समिति का जिम्मा
MPSC परीक्षाओं की कार्यप्रणाली को लेकर हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों के बाद, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिछले हफ्ते इस पांच सदस्यीय जांच समिति के गठन की घोषणा की थी। यह समिति MPSC के वर्तमान और पूर्व अध्यक्षों और सदस्यों के कार्यकाल के दौरान हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों की गहराई से जांच करेगी, जिसके प्रशासनिक संचालन में तुकाराम मुंडे को अहम भूमिका सौंपी गई है।
तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) महाराष्ट्र कैडर के एक बेहद कड़क, ईमानदार और चर्चित भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2005 बैच के अधिकारी हैं। वे अपने बेबाक अंदाज, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और असाधारण कार्यशैली के लिए पूरे देश और खासकर महाराष्ट्र में जाने जाते हैं।
