MUDU Scam: कर्नाटक में छिड़े सियासी संग्राम के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को साफ कर दिया कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देने वाले हैं। दरअसल, राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDU) आवंटन घोटाले के संबंध में मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
CM ने क्या कुछ कहा?
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत के फैसले को संविधान विरोधी और कानून के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर कोर्ट में सवाल उठाए जाएंगे और कानूनी रूप से इसका मुकाबला करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह चुनी हुई सरकार को हटाने की बड़ी साजिश है। उन्होंने (भाजपा) दिल्ली, झारखंड सहित कई राज्यों में ऐसा किया है। कर्नाटक में भी निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची गई है। इस साजिश में केंद्र सरकार, भाजपा, जद(एस) और अन्य शामिल है।
'कांग्रेस आलाकमान हमारे साथ'
सिद्धारमैया ने कहा कि कांग्रेस का आलाकमान, मंत्रिमंडल और सरकार मेरे साथ है। कांग्रेस के सभी विधायक, विधान परिषद सदस्य, लोकसभा और राज्यसभा सदस्य भी मेरे साथ हैं... मैंने इस्तीफा देने लायक कोई गलती नहीं की है।
राज्यपाल ने दी मुकदमा चलाने की मंजूरी
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने एमयूडीए भूमि आवंटन 'घोटाले' के संबंध में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है तथा कहा कि मामले की एक तटस्थ, वस्तुनिष्ठ और गैर-पक्षपातपूर्ण जांच कराना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वह प्रथम दृष्टया इस बात से संतुष्ट हैं कि आरोप और मामले से जुड़ी संबंधित सामग्री अपराध किए जाने का खुलासा करती हैं।
