पश्चिम बंगाल की राजनीति में रविवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को लेकर दिए गए हुमायूं कबीर के बयान से नया विवाद खड़ा हो गया। पूर्व टीएमसी नेता और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुवेंदु अधिकारी को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी। हुमायूं कबीर ने जल्द दुनिया से चले जाने की कामना की। उन्होंने इसके लिए ‘अल्लाह से टिकट बुक करने’ की बात कही और कुछ ऐसे नेताओं का भी जिक्र किया जिनकी मौत हत्या या दुर्घटनाओं में हुई थी। उनके बयान पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
सुवेंदु अधिकारी की मौत की कामना पर घिरे हुमायूं कबीर
‘अल्लाह उनका टिकट जल्द बुक करे’
मुर्शिदाबाद में पत्रकारों से बातचीत में कबीर ने कहा कि वह दुआ करेंगे कि ‘अल्लाह उनका टिकट जल्द बुक करे।’ उन्होंने कहा कि इससे ‘अहंकार का अंत’ होगा। इस दौरान कबीर ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के साथ-साथ महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार और कांग्रेस नेता माधवराव सिंधिया का भी संदर्भ दिया।कबीर ने कहा कि मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर से प्रार्थना करूंगा कि वह जल्द से जल्द इस दुनिया को छोड़ दें। अल्लाह उनकी यात्रा का मार्ग प्रशस्त करे। अहंकार का अंत हो जाएगा।
हुमायूं कबीर ने कहा कि वह चाहते हैं कि सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद पर न रहें और पूर्व मुख्यमंत्री बन जाएं। उन्होंने अधिकारी पर सत्ता में आने के बाद ‘अहंकारी’ होने का आरोप लगाया और अल्पसंख्यकों को परेशान किए जाने का दावा किया।
बीजेपी ने जताया कड़ा विरोध
हुमायूं कबीर के इस बयान को लेकर भाजपा उनके खिलाफ लामबंद हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। इसे लेकर सूबे के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय ने कहा कि राजनीतिक मतभेद किसी नेता की मौत की कामना को सही नहीं ठहरा सकते।
उन्होंने कहा कि किसी को सुवेंदु अधिकारी पसंद नहीं है या उनकी नीतियों से असहमति हो सकती है, लेकिन किसी की मौत की कामना नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कबीर के बयान की कड़ी निंदा की। मुखोपाध्याय ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी किसी की कृपा से मुख्यमंत्री नहीं बने हैं, बल्कि जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया है।
उपचुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के दो सीटों से जीतने के बाद नओदा सीट बरकरार रखने और रेजीनगर सीट खाली करने के कारण रिक्त हुई थी। दोनों सीटों पर उपचुनाव की घोषणा चुनाव आयोग कर चुका है।
रेजीनगर में बीजेपी ने सखारव सरकार, टीएमसी ने रबीउल आलम चौधरी, कांग्रेस ने मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफ़ी और सीपीआई(एम) ने सैयद असद अली को उम्मीदवार बनाया है। हुमायूं कबीर की पार्टी AJUP ने उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा है।
