JNU में जमकर हुआ बवाल, नक्सल पीड़ितों की गाड़ियों को नहीं मिली कैंपस में एंट्री

जेएनयू के छात्रों ने नक्सल हिंसा पीड़ितों का दर्द सुना और उनकी वास्तविक स्थिति को समझा, जिसके बाद इकट्ठा हुए छात्रों ने नक्सलवाद के खिलाफ नारेबाजी की।

जेएनयू में बस्तर से आए नक्सल पीड़ितों की एंट्री को लेकर जमकर बवाल हुआ। हिंसा से पीड़ितों की गाड़ियों को कैंपस में एंट्री से रोक दिया गया, जिसको लेकर काफी हंगामा हुआ। आधे घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद बस्तर से आए पीड़ित पैदल ही चलकर कैंपस के अंदर दाखिल हुए, जिसके बाद छात्रों ने उनसे मुलाकात की।

JNU Naxal Protest

जेएनयू के छात्रों ने नक्सल हिंसा पीड़ितों का दर्द सुना और उनकी वास्तविक स्थिति को समझा, जिसके बाद इकट्ठा हुए छात्रों ने नक्सलवाद के खिलाफ नारेबाजी की। जेएनयू के छात्रों ने कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने की वैचारिक लड़ाई जेएनयू से लड़ी जाएगी। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने नक्सलवाद हो बर्बाद, माओवाद हो बर्बाद के नारे लगाए। छात्रों ने कहा, नक्सलवाद की कब्र अब जेएनयू में ही खुदेगगी।

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