त्रिपुरा के छात्र की देहरादून में किसने की हत्या, कब और कैसे शुरू हुआ विवाद? पुलिस ने सबकुछ बता दिया

देहरादून के सेलाकुई में नस्लीय टिप्पणी का विरोध करने पर त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की बेरहमी से पिटाई हुई थी। 15 दिन तक अस्पताल में जिंदगी से जूझने के बाद उसकी मौत हो गई। मामले में अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें दो नाबालिग हैं, जबकि एक आरोपी फरार है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

देहरादून के सेलाकुई इलाके में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले को उत्तराखंड सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ शब्दों में कहा है कि राज्य में इस तरह की घटनाएं किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने दो टूक कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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उत्तराखंड में पांच लोगों ने मिलकर त्रिपुरा के एक छात्र की हत्या कर दी।(फोटो सोर्स: ANI)

नस्लीय टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद

यह घटना 9 दिसंबर की शाम की है, जब जिज्ञासा यूनिवर्सिटी में MBA फाइनल ईयर का छात्र एंजेल चकमा अपने भाई माइकल चकमा के साथ सेलाकुई बाजार गया था। आरोप है कि वहां कुछ स्थानीय युवकों ने उनके चेहरे और भाषा को लेकर नस्लीय टिप्पणियां कीं। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और बात हिंसा तक पहुंच गई।

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