नेपाल में बुधवार को आए बाढ़ में कई भारतीय लापता हैं, हालांकि कई को बचा लिया गया है। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार नेपाल में फंसे हुए या जिनसे फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है, ऐसे भारतीय नागरिकों की संख्या 288 है। इनमें 73 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जो त्रिशूली वन पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
नेपाल में कितने भारतीय हैं फंसे? (फोटो AP&ANI)
नेपाल में कितने भारतीय हैं फंसे?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि इन लोगों के बारे में और जानकारी हासिल करने के लिए हम प्रोजेक्ट हेड के लगातार संपर्क में हैं। जैसा कि आप जानते हैं, उस इलाके में संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। ऐसे में वहां मौजूद लोगों से संपर्क करना मुश्किल हो रहा है। पहला ग्रुप 73 लोगों का है, जो त्रिशूली वन पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, तमिलनाडु के भारतीय नागरिकों के दो अलग-अलग ग्रुप हैं—एक में 37 और दूसरे में 49 लोग हैं। इनके लिए सम्राट ट्रैवल्स और फ्लाई एवरेस्ट ट्रैवल्स, दो अलग-अलग ट्रैवल एजेंट हैं। पश्चिम बंगाल के 32 भारतीय नागरिकों का एक ग्रुप है, जिन्होंने सम्राट ट्रैवल्स की मदद से रसुवा जिले के तिमुरे की यात्रा की थी, जहां यह आपदा आई है। इसके बाद अलग-अलग राज्यों के 61 भारतीय नागरिकों का एक ग्रुप है, जिन्होंने रिचा टूर्स के जरिए यात्रा की थी। वहीं, केरल के तीन भारतीय नागरिकों का एक अलग ग्रुप है। इस तरह ये पांच मुख्य ग्रुप हैं, जिनमें कुल 288 भारतीय नागरिक शामिल हैं। मैं यह भी बताना चाहूंगा कि हम नेपाली अधिकारियों के माध्यम से अपने नागरिकों तक पहुंचने और उनके बारे में अधिक से अधिक जानकारी हासिल करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
कितने भारतीय नेपाल में बचाए गए?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने आगे कहा कि हम 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाब रहे हैं। ये सभी 21 लोग तमिलनाडु से हैं। हम उनके नाम अपने X हैंडल पर साझा कर रहे हैं, ताकि आपको पूरी जानकारी मिल सके। हमने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
चीन में कितने भारतीय फंसे?
नेपाल के साथ-साथ चीन में भी भारतीय नागरिक फंसे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि, "मैं आपको चीन की तरफ की स्थिति के बारे में भी जानकारी देना चाहता हूं। हमें खबर मिली है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई भारतीय नागरिक अभी चीन की तरफ फंसे हुए हैं। बीजिंग में हमारा दूतावास उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी कोशिश कर रहा है। वहां लगभग 200 भारतीय नागरिक हैं, जिन्होंने सुरक्षित बाहर निकलने के लिए हमसे मदद मांगी है। इनमें से 95 लोग दारचिन में हैं और फिलहाल नेपाल में दाखिल होने के लिए हिल्सा की ओर बढ़ रहे हैं। इसके अलावा, चार लोग जिलोंग शहर में हैं, जबकि 30 लोग ज़ुटुलपुक में हैं और सागा शहर की ओर बढ़ रहे हैं। 60 से 70 अन्य भारतीय नागरिक भी सागा की ओर बढ़ रहे हैं। हमारा मिशन स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
