भारतीय रेलवे की शाही धरोहर का सफर, राष्ट्रपति सैलून अब आम जनता के लिए प्रदर्शित

The Presidential Saloon: भारतीय रेलवे की गौरवशाली धरोहर ‘राष्ट्रपति सैलून’ अब पहली बार आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जा रहा है। भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 1957 में इस विशेष सैलून में अपनी यात्रा की शुरुआत की थी। इसके बाद विभिन्न राष्ट्रपतियों ने इसे अपने आधिकारिक दौरों के लिए इस्तेमाल किया।

The Presidential Saloon: भारतीय रेलवे की गौरवशाली धरोहर ‘राष्ट्रपति सैलून’ (The Presidential Saloon) अब पहली बार आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जा रहा है। देश के राष्ट्रपतियों की राजकीय यात्राओं के लिए तैयार किए गए इस ऐतिहासिक कोच का निर्माण 1953 में शुरू हुआ था और 1956 में पूरा हुआ। इसे सेंट्रल रेलवे के मटूंगा वर्कशॉप में तैयार किया गया था।

The Presidential Saloon

भारतीय रेलवे की गौरवशाली धरोहर ‘राष्ट्रपति सैलून’ पहली बार आम जनता के लिए प्रदर्शित किया

देश के 6 राष्ट्रपति ने किया इसमें सफर

भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 1957 में इस विशेष सैलून में अपनी यात्रा की शुरुआत की थी। इसके बाद विभिन्न राष्ट्रपतियों ने इसे अपने आधिकारिक दौरों के लिए इस्तेमाल किया। वर्ष 2006 में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने इस कोच में अपनी यात्रा की, जो इसकी अंतिम यात्रा मानी जाती है। वर्ष 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसे देश को समर्पित कर दिया।

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