The Presidential Saloon: भारतीय रेलवे की गौरवशाली धरोहर ‘राष्ट्रपति सैलून’ (The Presidential Saloon) अब पहली बार आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जा रहा है। देश के राष्ट्रपतियों की राजकीय यात्राओं के लिए तैयार किए गए इस ऐतिहासिक कोच का निर्माण 1953 में शुरू हुआ था और 1956 में पूरा हुआ। इसे सेंट्रल रेलवे के मटूंगा वर्कशॉप में तैयार किया गया था।
भारतीय रेलवे की गौरवशाली धरोहर ‘राष्ट्रपति सैलून’ पहली बार आम जनता के लिए प्रदर्शित किया
देश के 6 राष्ट्रपति ने किया इसमें सफर
भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 1957 में इस विशेष सैलून में अपनी यात्रा की शुरुआत की थी। इसके बाद विभिन्न राष्ट्रपतियों ने इसे अपने आधिकारिक दौरों के लिए इस्तेमाल किया। वर्ष 2006 में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने इस कोच में अपनी यात्रा की, जो इसकी अंतिम यात्रा मानी जाती है। वर्ष 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसे देश को समर्पित कर दिया।
अब इस धरोहर को आमजन के लिए उपलब्ध कराया गया है। राष्ट्रीय रेल संग्रहालय, चाणक्यपुरी (नई दिल्ली) में आयोजित विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन मंगलवार को रेलवे बोर्ड की कार्यकारी निदेशक (विरासत) आशिमा मेहरोत्रा ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय रेल संग्रहालय के निदेशक दिनेश कुमार गोयल भी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में हो रहा प्रदर्शन
यह प्रदर्शनी 19 अगस्त से 24 अगस्त 2025 तक आगंतुकों के लिए खुली रहेगी। इसका उद्देश्य नागरिकों को इस विशिष्ट कोच की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है। 24 अगस्त के बाद बाहर से तो इसे देख सकेंगे लेकिन अंदर से कुछ विशेष अवसर पर ही इसका प्रदर्शन होगा
क्या है इसमें खासियत
राष्ट्रपति सैलून केवल एक रेल डिब्बा नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक शिल्पकला का अद्वितीय संगम है। इसमें सुरक्षा, आराम और कार्य की सभी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया था, ताकि राष्ट्रपति अपने राजकीय दौरों के दौरान गरिमा और सुविधा के साथ यात्रा कर सकें। इसमें राष्ट्रपति के लिए आधुनिक शयन कक्ष के साथ, स्टडी रूम, डायनिंग रूम, मॉडुलर किचिन, बाथरूम और कॉन्फ्रेंस रूम भी बनाया गया था।
ताकि इतिहार की धरोहर से लोग हों रूबरू
प्रदर्शनी में आगंतुकों को न सिर्फ राष्ट्रपति सैलून देखने का अवसर मिल रहा है, बल्कि इसके इतिहास, निर्माण और यात्राओं से जुड़ी रोचक कहानियों को भी मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन और दुर्लभ तस्वीरों के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी भारतीय गणराज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक यात्रा के महत्वपूर्ण अध्याय को करीब से जानने का अवसर प्रदान करेगी।
