NEET UG Case in Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में विवादों से घिरी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (NEET-UG) 2024 से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई होने जा रही है जिसमें अदालत बड़ा फैसला सुना सकती है। सुनवाई से पहले NTA ने अदालत में लिखित जवाब दाखिल किया है। NTA ने कहा कि इसमें कोई सिस्टमैटिक फेलियर नहीं था। बिहार में जिन घटनाओं का जिक्र किया जा रहा है उनकी जांच चल रही है। बिहार की घटना एक आपराधिक गतिविधि है।
नीट मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
17 संदिग्ध उम्मीदवारों के परिणाम रोके
इसमें कहा गया है कि जांच बिहार पुलिस द्वारा शुरू की गई थी, जिसे ईओयू विंग को सौंप दिया गया था। इसके बाद केंद्रीय स्तर पर नीट मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को स्थानांतरित कर दी गई है। एनटीए ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद 17 संदिग्ध उम्मीदवारों के परिणाम रोक दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट आज नीट मामले पर अहम सुनवाई करेगा।
40 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई
यह परीक्षा पांच मई को आयोजित हुई थी। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर 18 जुलाई के लिए अपलोड की गई वाद सूची के अनुसार प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ 40 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की याचिका भी शामिल है, जिसमें उसने विभिन्न उच्च न्यायालयों में उसके खिलाफ लंबित मामलों को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है।
सुनवाई 18 जुलाई तक टाल दी थी
सुप्रीम कोर्ट ने 11 जुलाई को नीट-यूजी 2024 से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई 18 जुलाई तक टाल दी थी। इन याचिकाओं में नीट-यूजी 2024 के आयोजन में कथित अनियमितताओं और कदाचार की जांच करने, परीक्षा रद्द करने और नये सिरे से परीक्षा आयोजित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। पीठ ने कहा था कि सीबीआई ने उसे नीट-यूजी 2024 के आयोजन में कथित अनियमितताओं की जांच में हुई प्रगति पर एक स्थिति रिपोर्ट सौंपी है।
एनटीए ने दिया मद्रास आईआईटी की रिपोर्ट का हवाला
शीर्ष अदालत में पिछले सप्ताह दाखिल एक अतिरिक्त हलफनामे में केंद्र सरकार ने कहा था कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास ने नीट-यूजी 2024 के नतीजों का डेटा विश्लेषण किया है, जिसमें न तो इस बात के संकेत मिले हैं कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर कदाचार हुआ था और न ही ऐसा सामने आया है कि स्थानीय अभ्यर्थियों के किसी समूह को फायदा पहुंचा और उन्होंने अप्रत्याशित अंक हासिल किए। सरकार का यह दावा सुप्रीम कोर्ट की आठ जुलाई की टिप्पणी के मद्देनजर अहम है, जिसमें उसने कहा था कि अगर पांच मई को नीट-यूजी 2024 के आयोजन में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की बात सामने आती है, तो वह नए सिरे से परीक्षा कराने का आदेश दे सकता है।
