LGBT समाज में शादी की वैधानिकता, सुप्रीम कोर्ट में दिलचस्प जिरह पर एक नजर

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Apr 19, 2023, 12:30 PM IST

Same Sex Marriage hearing: सुप्रीम कोर्ट में सेम सेक्स मैरिज को वैध किए जाने के मुद्दे पर जिरह जारी है। अदालत के सामने याची पक्ष ने कहा कि बहुमत के दबाव के आगे उनकी मांग को दरकिनार नहीं किया जा सकता तो सरकार ने कहा कि शादियों को वैध करने का अधिकार संसद के पास है। इसके साथ यह भी कहा कि एक मर्द और एक औरत के बीच की शादी को ही वैध माना जाना चाहिए।

Same Sex Marriage hearing: सेम सेक्स में शादी पर सुप्रीम कोर्ट(Supreme court) में सुनवाई जारी है। शादी की वैधता वाले मुद्दे पर अदालत में पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ से दिलचस्प दलील पेश की जा रही है। बता दें कि इस केस में कुल 15 याचिकाएं दायर की गई हैं। अर्जी के जरिए याची (LGBT Community) अदालत से जीवन, स्वतंत्रता के अधिकार का हवाला देकर सभी संवैधानिक पहलुओं पर विचार करने की दरख्वास्त लगाई है। याची पक्ष की अगुवाई वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी(Mukul Rohtagi) तो सरकार की तरफ से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता(SG Tushar Mehta) दलील पेश कर रहे हैं। सरकारी पक्ष का कहना है कि शादियों को बैध बनाने की जिम्मेदारी संसद पर है और इस केस को नहीं सुना जा सकता है, उन्होंने कहा कि एक मर्द और एक औरत ही वैध तौर पर शादी कर सकते हैं

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एलजीबीटी समाज में शादी की वैधानिकता पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

याची पक्ष की तरफ से मुकुल रोहतगी ने कहा कि शादी संस्कार में एलजीबीटी समाज के अधिकारों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। बता दें कि इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ कर रहे हैं उन्होंने कहा कि स्पेशल मैरिज एक्ट के प्रावधानों के तहत होने वाली शादियों पर ही अदालत की कार्यवाही होगी। यहां पर हम याची पक्ष और सरकार दोनों की दलीलों के बारे में जानकारी देंगे।

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