"जितना समय लेंगे, उतना भारी जुर्माना", वडोदरा भूमि मामले में कोर्ट का कड़ा रुख, यूसुफ पठान को मिली चेतावनी

गुजरात हाई कोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद यूसुफ पठान से जुड़े एक भूमि विवाद मामले में सुनवाई करते हुए उन्हें अपनी दावेदारी साबित करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है। अदालत ने समय बढ़ाने के साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि देरी होने पर जुर्माने की राशि और बढ़ाई जा सकती है।

Yusuf Pathan Land Dispute Case: गुजरात हाई कोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस सांसद यूसुफ पठान को सोमवार को वडोदरा में एक भूखंड पर अपनी दावेदारी साबित करने के लिये चार हफ्ते का समय दिया है। साथ ही, अदालत ने उन्हें चेतावनी दी कि अगर भूखंड खाली करने में और देरी हुई तो उन्हें अधिक जुर्माना देना होगा। पठान के अधिवक्ता शालीन मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति डीएन रे की खंडपीठ से दो या तीन हफ्ते का समय देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि भूखंड पर कब्जे का दावा राज्य सरकार की नीति के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है और संबंधित नीति को अदालत के रिकॉर्ड में प्रस्तुत किया जा चुका है।

Yusuf Pathan

यूसुफ पठान (फाइल फोटो- PTI)

जितना अधिक समय, उतना ही ज्यादा जुर्माना

पठान के अधिवक्ता ने कहा, "हमें उम्मीद है कि नीति के तहत हमें (विवादित जमीन) मिल जाएगी क्योंकि अन्य क्रिकेटर भी इस नीति के तहत इसके हकदार हैं।" पीठ ने इसके लिए सहमति तो दी लेकिन साथ ही कड़ी चेतावनी भी जारी की। मुख्य न्यायाधीश अग्रवाल ने कहा, "इस बात का ध्यान रखें कि आप जितना अधिक समय लेंगे आपको उतना ही ज्यादा जुर्माना भरना होगा। कृपया इसे याद रखें। हमें आपको समय देने में कोई परेशानी नहीं है क्योंकि आप पहले ही एक अदालत में मुकदमा हार चुके हैं।"

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