मोदी सरकार ने एक नए आदेश में 67 पोर्न वेबसाइटों पर बैन लगाने का फैसला किया है। सरकार ने इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियों से इन वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। सरकार ने इन वेबसाइटों को 2021 में जारी नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों के उल्लंघन के तहत ब्लॉक करने का आदेश दिया है।
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इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को भेजे गए एक ईमेल में दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने कंपनियों से पुणे की एक अदालत के आदेश के आधार पर 63 वेबसाइटों को ब्लॉक करने के लिए कहा है। साथ ही उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश और इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के आधार पर चार अन्य वेबसाइट को ब्लॉक करने के लिए कहा है।
इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा 2021 में लागू किए गए नए आईटी नियमों के तहत कंपनियों के लिए उनके द्वारा प्रसारित, संग्रहित या प्रकाशित ऐसी सामग्री तक पहुंच बाधित या अक्षम करना अनिवार्य है, जो ‘किसी व्यक्ति को पूर्ण या आंशिक रूप से निर्वस्त्र दिखाती है या फिर उसे यौन कृत्य या आचरण में लिप्त दर्शाती है।’
बता दें कि इससे पहले 2018 में सरकार ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद करीब 827 अश्लील वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस बैन के बाय यह पाया गया कि कई नई पोर्न वेबसाइटें इंटरनेट पर आ गईं थी। कई के तो नाम में थोड़ा सा ही अंतर था। जिसके बाद नए बैन के आदेश दिए गए हैं। नए बैन के आदेश के बाद भारत में प्रतिबंधित पोर्न वेबसाइटों की कुल संख्या 900 के करीब हो गई है।
एजेंसी इनपुट के साथ
