E20 फ्यूल को 'एक्सपेरिमेंट' बताने वाली खबरों पर सरकार का खंडन, अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने जारी किया स्पष्टीकरण

स्पष्टीकरण में कहा गया कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि E20 कार्यक्रम अभी एक प्रयोग है और इसका प्रभाव अगले वर्ष तक स्पष्ट होगा। अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया।

नई दिल्ली: भारत के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने इथेनॉल आवंटन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर प्रकाशित कुछ मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया है। कार्यालय ने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) कार्यक्रम को कभी भी एक्सपेरिमेंट नहीं बताया गया।

E20 Blending

एथेनॉल ब्लेंडिंग

स्पष्टीकरण में कहा गया कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि E20 कार्यक्रम अभी एक प्रयोग है और इसका प्रभाव अगले वर्ष तक स्पष्ट होगा। अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया।

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