21 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही। पहले ही दिन 'ऑपरेशन सिंदूर' और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी की, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष ने सरकार पर गंभीर मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया, वहीं सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर बहस के लिए सहमति दे दी है।
मॉनसून सत्र का पहला दिन रहा हंगामेदार (फोटो-pti)
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‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर लोकसभा में 16 और राज्यसभा में 9 घंटे की चर्चा
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में फैसला हुआ है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' पर लोकसभा में 16 घंटे और राज्यसभा में 9 घंटे बहस होगी। यह ऑपरेशन हाल ही में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों द्वारा चलाया गया एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान है, जिसे लेकर देशभर में चर्चा है।
अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा का शेड्यूल तय
इस मानसून सत्र में संसद में कई अहम विधेयकों पर चर्चा की जाएगी। तय कार्यक्रम के अनुसार:
- ‘भारतीय डाक विधेयक’ पर लोकसभा में 3 घंटे की चर्चा होगी
- ‘आयकर संशोधन विधेयक’ पर 12 घंटे तक चर्चा का प्रस्ताव है
- ‘राष्ट्रीय खेल विधेयक’ पर 8 घंटे का समय निर्धारित किया गया है
- ‘मणिपुर बजट’ पर 2 घंटे की चर्चा होगी
अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की मांग
तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने 1975 के आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर चर्चा की मांग की है, जबकि भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में हालिया बारिश और बाढ़ की स्थिति पर चर्चा का आग्रह किया है।
विपक्ष का विरोध
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “मैं विपक्ष का नेता हूं, लेकिन मुझे सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र को दबा रही है और गंभीर मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
मानसून सत्र का शेड्यूल
यह मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा। कुल 32 दिनों के इस सत्र में 21 बैठकें प्रस्तावित हैं। स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए संसद की कार्यवाही 12 अगस्त से 17 अगस्त तक स्थगित रहेगी, और 18 अगस्त को फिर से शुरू होगी।
