Giriraj Singh on Maha Kumbh : प्रयागराज में महा कुंभ का आयोजन वक्फ की जमीन पर हो रहा है, इस दावे पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने वक्फ बोर्ड को आड़े हाथ लिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम जानबूझकर देश के भीतर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। सिंह ने कहा कि 'सदियों से जिस समय इस्लाम की पैदाइश नहीं हुई थी। उस समय से कुंभ लगते आ रहे हैं। फिर वक्फ कहां से पैदा हो गया। जब कुंभ से पहले इस्लाम नहीं था तो वक्फ कहां से पैदा हो गया।'
गिरिराज सिंह ने वक्फ बोर्ड से पूछा सवाल।
विपक्षी नेताओं पर साधा निशाना
भाजपा के फायर ब्रांड नेता ने कहा कि 'ये जानबूझकर देश के अंदर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। जब बात हिंदू संस्कृति की आती है तो अखिलेश यादव, राहुल यादव, ममता बनर्जी और लालू यादव की जुबान में दही जम जाती है, ये लोग कुछ बोल नहीं पाते हैं। ये देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। वोट बैंक की राजनीति करने वालों ने भारत का यह हाल किया है।'
‘महाकुंभ’ में मुसलमान भी चर्चा के केंद्र में
प्रयागराज में इस महीने शुरू हो रहे ‘महाकुंभ’ में मुसलमानों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की कुछ संगठनों की मांग के बीच मुस्लिम धर्मगुरु इसमें मुस्लिम समुदाय की भागीदारी को लेकर एकमत नहीं हैं। संभवतः महाकुंभ के आयोजन के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब इसे लेकर मुसलमान भी चर्चा के केंद्र में हैं। मुसलमानों को महाकुंभ में नहीं जाने की सलाह देकर सुर्खियों में आए ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे एक पत्र में आशंका जताई कि महाकुंभ में सैकड़ों मुसलमानों का धर्मांतरण कराए जाने की योजना है, इसलिए सरकार ऐसे मंसूबों को नाकाम करने के लिये कदम उठाये।
'महाकुंभ में नहीं जाने की सलाह दी थी’
हालांकि, रजवी ने पिछले साल नवंबर में अखाड़ा परिषद द्वारा महाकुंभ में मुसलमानों का प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग का विरोध करते हुए कहा था कि यह मांग अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है। हालांकि, अब मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने दूसरा नजरिया रखा है। रजवी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि उन्हें विश्वस्त सूत्रों से महाकुंभ में मुसलमान का धर्मांतरण करने की तैयारी की सूचना मिली थी, लिहाजा एक जागरूक नागरिक के तौर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को इस आशंका से अवगत कराया है। मुसलमानों को महाकुंभ में नहीं जाने की अपनी सलाह को सही ठहराते हुए रजवी ने कहा, ‘अखाड़ा परिषद और नागा संन्यासियों ने बैठक करके मुसलमानों पर महाकुंभ में दुकान लगाने पर पाबंदी लगाने की बात कही थी इसीलिए हमने मुसलमानों को किसी परेशानी से बचने के लिए महाकुंभ में नहीं जाने की सलाह दी थी।’
इस्लाम मजहब इतना हल्का और कमजोर नहीं -AIMPLB
जमीयत उलमा-ए-हिंद (एएम) की उत्तर प्रदेश इकाई के कानूनी सलाहकार मौलाना काब रशीदी ने कहा कि शायद ऐसा पहली बार है जब महाकुंभ के आयोजन से पहले मुसलमान चर्चा की केंद्र में हैं। रशीदी ने कहा, ‘ऐसी बातें करना संविधान में दिए गए अधिकारों का हनन है क्योंकि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश के रूप में पूरी दुनिया में जाना जाता है लिहाजा महाकुंभ में मुसलमान को प्रतिबंधित करने की बात करना संविधान की आत्मा को कुचलने जैसा है।’ ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा, ‘अगर कोई मुसलमान अपने ज्ञानवर्धन के लिए महाकुंभ में जाता है तो उसमें कोई हर्ज नहीं है। इस्लाम मजहब इतना हल्का और कमजोर नहीं है कि कहीं पर जाकर खड़े होने या कोई मेला देखने या किसी मजहबी इबादतगाह को देखने से वह खतरे में पड़ जाएगा।’
मेले में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग
महाकुंभ में मुसलमानों का धर्मांतरण कराए जाने की मौलाना रजवी की आशंका के बारे में पूछे जाने पर अब्बास ने कहा, ‘अगर किसी की धार्मिक आस्था की नींव मजबूत है तो कोई भी व्यक्ति उसका धर्मांतरण नहीं कर सकता।’अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने हाल ही में कहा था कि इस बार कुंभ में आधार कार्ड के आधार पर प्रवेश दिया जाए ताकि कोई गैर सनातनी मेला क्षेत्र में दाखिल ना होने पाए। बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भी महाकुंभ में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।
