भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए लंबे समय से सिरदर्द बने और देश के सबसे कुख्यात गैंगस्टरों में शुमार हिमांशु भाऊ को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांटेड चल रहे गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI और अन्य स्थानीय एजेंसियों की कार्रवाई के बाद उसके पकड़े जाने की पुष्टि हुई है। हिमांशु भाऊ नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा STF की सबसे बड़ी हिट लिस्ट में शामिल था। उसके खिलाफ इंटरपोल द्वारा पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका था।
हिमांशु भाऊ को FBI ने दबोचा
लॉरेंस बिश्नोई गैंग और एल्विश यादव से है दुश्मनी
अपराध की दुनिया में बेहद कम उम्र में बड़ा नाम बना हिमांशु भाऊ कुख्यात नीरज बवाना गैंग से जुड़ा हुआ माना जाता है। उसकी देश के दूसरे सबसे बड़े आपराधिक सिंडिकेट यानी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी ब्रार गैंग के साथ खूनी और पुरानी दुश्मनी है। हिमांशु भाऊ का नाम तब और सुर्खियों में आया था जब उसने लोकप्रिय यूट्यूबर और बिग बॉस विजेता एल्विश यादव के घर पर हुई अंधाधुंध फायरिंग की जिम्मेदारी खुले तौर पर ली थी। इसके अलावा दिल्ली-NCR में कई हाई-प्रोफाइल मर्डर, एक्सटॉर्शन और कारोबारियों को धमकाने के मामलों में उसका नाम मुख्य रूप से जुड़ा रहा है।
24 घंटे में तीन हत्याओं से आया था चर्चा में
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और आसपास के कई राज्यों में हिमांशु भाऊ के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, फिरौती, अपहरण और हथियारों की अवैध तस्करी के दर्जनों संगीन मुकदमे दर्ज हैं। साल 2022 में हरियाणा के भीतर महज 24 घंटे के अंतराल में तीन सनसनीखेज हत्याओं को अंजाम दिलवाने के बाद वह पहली बार पुलिस और खुफिया एजेंसियों के राडार पर आया था। उस पर अपने गुर्गों के जरिए ताबड़तोड़ फायरिंग करवाकर दुस्साहसिक वारदातों को अंजाम दिलाने के गंभीर आरोप हैं। दिल्ली के एक मशहूर बर्गर किंग आउटलेट पर हुई हत्या के मामले में भी उसके सिंडिकेट का नाम सामने आया था।
अब प्रत्यर्पण की तैयारी में जुटी एजेंसियां
इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर अमेरिका में भाऊ की गिरफ्तारी को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और ऑपरेशनल सफलता माना जा रहा है। अब भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और विदेश मंत्रालय अमेरिकी प्रशासन के संपर्क में हैं ताकि कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा कर उसे जल्द से जल्द भारत वापस लाया जा सके, जिससे देश की अदालतों में उसके खिलाफ लंबित मुल्जिमों जैसे संगीन मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
