'5 मोर्चों पर लड़ी जाएगी भविष्य की जंग', CDS जनरल सुब्रमणि ने साइबर-स्पेस तक एकजुटता पर दिया जोर

मान लीजिए किसी संकट के दौरान समुद्र में गतिविधियां बढ़ती हैं। उस समय हवा से मिलने वाली निगरानी, जमीन से जुटाई गई जानकारी और अंतरिक्ष आधारित संचार एक साथ काम आ सकते हैं। यदि इसी दौरान साइबर क्षेत्र में भी दबाव बनाया जाए।

Future War: भविष्य की जंग में लड़ाई किसी एक मोर्चे पर नहीं होगी। जमीन पर सैनिकों की कार्रवाई के साथ हवा में निगरानी, समुद्र में सैन्य गतिविधियां, साइबर क्षेत्र में डिजिटल संघर्ष और अंतरिक्ष से मिलने वाली जानकारी एक ही समय में निर्णायक हो सकती है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने एक कार्यक्रम में इन सभी क्षेत्रों को एकीकृत तरीके से देखने की जरूरत बताई। सीडीएस ने कहा कि युद्ध का स्वरूप लगातार बदल रहा है और पारंपरिक सैन्य क्षेत्रों के साथ साइबर तथा अंतरिक्ष की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में थल, वायु और नौसेना को अलग-अलग क्षमताओं के रूप में देखने के बजाय एक साझा सैन्य शक्ति के रूप में विकसित करना होगा।

CDS, General NS Raja Subramani

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि।

'सैन्य प्रतिक्रिया के लिए सभी सूचनाओं को तेजी से जोड़ना होगा'

मान लीजिए किसी संकट के दौरान समुद्र में गतिविधियां बढ़ती हैं। उस समय हवा से मिलने वाली निगरानी, जमीन से जुटाई गई जानकारी और अंतरिक्ष आधारित संचार एक साथ काम आ सकते हैं। यदि इसी दौरान साइबर क्षेत्र में भी दबाव बनाया जाए, तो सैन्य प्रतिक्रिया के लिए सभी सूचनाओं को तेजी से जोड़ना जरूरी होगा। जनरल सुब्रमणि ने इसी कारण केवल इंटर-सर्विस समन्वय से आगे बढ़कर वास्तविक संयुक्तता पर जोर दिया। इसका मतलब यह है कि तीनों सेनाएं किसी अभियान की शुरुआत से ही एक साझा योजना और उद्देश्य के साथ काम करें।

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