'खलासी' से 'टाइगर' तक का सफर...किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है शाहजहां शेख की कहानी

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 1, 2024, 06:05 PM IST

शेख ने 2004 में अपना खुद का झींगा कारोबार शुरू किया और उस समय तक उसने उत्तर 24 परगना जिले के नदी तटीय क्षेत्र संदेशखाली में अपनी छवि रॉबिनहुड जैसी बना ली थी।

Shahjahan Sheikh: पश्चिम बंगाल के संदेशखाली इलाके में यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोपों को लेकर सुर्खियों में आए शाहजहां शेख का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। एक स्थानीय परिवहन कंपनी में हेल्पर (खलासी) की मामूली पृष्ठभूमि से शुरुआत के बाद वह इलाके का तथाकथित टाइगर बन गया। उसे 55 दिन तक फरार रहने के बाद आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। महिलाओं द्वारा शेख के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद उसे गुरुवार तड़के गिरफ्तार कर लिया गया। एक स्थानीय अदालत ने उसे 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। उसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने उसे पार्टी के सभी पदों से भी हटा दिया।

ेshahjahan sheikh

पुलिस की गिरफ्त में शाहजहां शेख

वाम मोर्चा सरकार में हुआ शेख का उदर

शेख का उदय राज्य में वाम मोर्चा सरकार के अंतिम चरण में शुरू हुआ। यात्री वाहन सेवाओं में हेल्पर के रूप में कुछ वर्षों तक काम करने के बाद, वह मछली के कारोबार में आ गया। उत्तर 24 परगना जिले में उस वक्त तैनात एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी ने बताया, उसका एक मामा मछली पालन व्यवसाय से जुड़ा था और शाहजहां ने कुछ समय तक उसकी मदद की। कुछ समय बाद तेजी से व्यवसाय बढ़ने के बाद वे संदेशखाली इलाके में इस व्यापार में शीर्ष पर पहुंच गए।

End of Feed