उत्तराखंड के दूसरे सबसे सफल मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल रहे भगत सिंह कोश्यारी ने आज टाइम्स नेटवर्क की वरिष्ठ पत्रकार डॉ. रमा सोलंकी के साथ खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सामाजिक समस्याओं और राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। इस साक्षात्कार के दौरान उनसे अंकिता भंडारी मामले पर भी सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि आखिर अंकिता भंडारी को न्याय कब मिलेगा? क्या सरकार इसमें किसी को छिपा रही है? इस पर उन्होंने कहा कि आज के युग में किसी को छिपाना संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरा तो कहना है कि जोभी मामले में दोषी हों, उसे दंड दिया जाना चाहिए।
भगत सिंह कोश्यारी ने की टाइम्स नाऊ से खास-बातचीत।
अंकिता भंडारी को कब मिलेगा न्याय?
अंकिता भंडारी से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि आज के एआई (AI) के युग में कुछ भी छिपाना मुमकिन नहीं है और सरकार किसी को नहीं छिपा रही है। हम तो कहते हैं कि अगर कोई वरिष्ठ व्यक्ति भी शामिल हो,तो उसे भी दंड मिलना चाहिए। भाजपा और आरएसएस में गलत को गलत ही माना जाता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने बहुत पारदर्शिता से काम किया है। मामले की सीबीआई जांच हुई और जो दोषी थे, उन्हें जेल भेजकर सजा दी गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में हमको सावधानी बरतनी चाहिए।
'निर्भया को बहुत देरी से न्याय मिला था' इस सवाल पर भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि अंकिता को निर्भया से पहले न्याय मिलेगा... एक युवा मुख्यमंत्री होने के नाते पुष्कर सिंह धामी ने सख्ती से कदम उठाए और मामले को खींचने के बजाय तेज़ी से अदालत के सामने रखा, जिससे दोषियों को बहुत जल्दी सजा हुई।
क्या है अंकिता भंडारी का मामला?
गौरतलब है कि ये मामला 2022 का है,उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के डोभ श्रीकोट गांव की रहने वाली अंकिता भंडारी ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र के अंतर्गत चीला के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में अचानक उनके लापता होने की खबर सामने आई। तलाश के दौरान दो दिन बाद उनका शव चीला नहर से बरामद हुआ, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
इस मामले में पुलिस ने हत्या, सबूत मिटाने और अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम समेत कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई करते हुए वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य सहित सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। फिलहाल तीनों आरोपी अलग-अलग जेलों में बंद हैं पुलकित आर्य अल्मोड़ा जेल में,अंकित गुप्ता देहरादून में और सौरभ भास्कर टिहरी जेल में निरुद्ध हैं।
