दिल्ली में अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर सवाल,पूर्व IAS अधिकारी आशीष जोशी ने हाईकोर्ट में दाखिल की PIL; 270 कंपनियों की तैनाती बढ़ाने को चुनौती

पूर्व IAS अधिकारी आशीष जोशी ने हाईकोर्ट में PIL दाखिल कर 301 कंपनियों की शुरुआती मंजूरी से लेकर 270 कंपनियों को 16 नवंबर तक तैनात रखने के फैसले पर जवाब मांगा है। साथ ही याचिका में गृह मंत्रालय के आदेश,पुलिस की मांग और जोखिम आकलन सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की बड़े पैमाने पर तैनाती और बार-बार उसकी अवधि बढ़ाए जाने का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। सेवानिवृत्त वरिष्ठ सिविल सेवक आशीष जोशी ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत जनहित याचिका दाखिल कर इस तैनाती के कानूनी और प्रशासनिक आधार की न्यायिक समीक्षा की मांग की है। याचिका अधिवक्ता अम्बुज दीक्षित और अमरीश रंजन पांडेय के माध्यम से दाखिल की गई है।

Delhi High Court

दिल्ली हाईकोर्ट (फोटो-ANI)

याचिका में कहा गया है कि शुरुआत में 301 CAPF कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद 273 कंपनियों की तैनाती 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई और फिर 29 अक्टूबर के आदेश के जरिए 270 कंपनियों की तैनाती 16 नवंबर 2026 तक बढ़ाए जाने की सूचना सामने आई। याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया है कि इतने बड़े पैमाने पर केंद्रीय बलों की तैनाती और उसके लगातार विस्तार के लिए क्या पर्याप्त कानूनी और प्रशासनिक आधार मौजूद है।

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