उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में रिश्वतखोरी के मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व ब्रांच मैनेजर को चार साल की जेल की सजा सुनाई गई है। लखनऊ की सीबीआई अदालत ने 2 नवंबर को आरोपी सुबोध कुमार रस्तोगी को दोषी ठहराते हुए चार साल की कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व मैनेजर को 4 साल की जेल
सीबीआई के मुताबिक, मामला साल 2015 का है। बलरामपुर के एक कारोबारी ने सोलर लाइट का कारोबार बढ़ाने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा की बलरामपुर शाखा से 5 लाख रुपये का लोन लिया था। आरोप था कि लोन की पहली किस्त के तौर पर 1.25 लाख रुपये जारी करते समय तत्कालीन ब्रांच मैनेजर सुबोध कुमार रस्तोगी ने सीए चार्ज, स्टांप पेपर और फाइल चार्ज के नाम पर कारोबारी से करीब 25 हजार रुपये ले लिए थे।
इसके बाद कारोबारी के खाते में 3.75 लाख रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट भी जारी की गई। आरोप है कि इस रकम के बदले मैनेजर ने कारोबारी से 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। उसने पैसे नहीं देने पर बैंक खाता बंद करने की धमकी भी दी।
कारोबारी की शिकायत पर सीबीआई ने 26 अक्टूबर 2015 को मामला दर्ज किया और जाल बिछाकर कार्रवाई की। इस दौरान तत्कालीन ब्रांच मैनेजर सुबोध कुमार रस्तोगी को कारोबारी से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 18 दिसंबर 2015 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अब मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए चार साल की जेल और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
