तालिबान की अफगानिस्तान में वापसी के बाद से कश्मीर में विदेशी आतंकियों की संख्या बढ़ी है। यह दावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के डीजी कुलदीप सिंह ने गुरुवार को किया है।
तालिबान की वापसी के बाद कश्मीर में विदेशी आतंकियों की संख्या बढ़ी
कुलदीप सिंह ने कहा कि पिछले साल अगस्त में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से जम्मू-कश्मीर में चुनौतियां कई तरह से बढ़ गई हैं। कुलदीप सिंह शुक्रवार को रिटायर हो रहे हैं। उससे पहले उन्होंने मीडिया से बात करते हुए ये बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि आतंकियों की संख्या बढ़ी है लेकिन आतंकी घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने कहा- "आतंकवादियों की संख्या 200 से कम है जो किसी समय 240 हुआ करती थी।"
उन्होंने आगे कहा कि इन आतंकवादियों की संख्या में विदेशी और स्थानीय दोनों जगहों के लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा- "पिछले कुछ वर्षों में, एक समय में विदेशी और स्थानीय दोनों तरह के आतंकवादियों की संख्या 230-240 हुआ करती थी, लेकिन संख्या अब 200 से नीचे रह गई है क्योंकि उनमें से कई को सुरक्षा बलों द्वारा समय-समय पर मार गिराया गया है।"
कुलदीप सिंह ने कहा कि 2019 में तत्कालीन राज्य की तुलना में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के बाद आतंकवादी घटनाओं में कमी आई है। वहीं जब टारगेट किलिंग को लेकर कुलदीप सिंह से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह चुनौती भी बढ़ी है। हालांकि सुरक्षा बल इस पर भी जल्द ही काबू पा लेंगे।
बता दें कि हाल के कुछ महीनों में घाटी में आतंकी टारगेट किलिंग के तहत हमले कर रहे हैं। इस दौरान वो गैर कश्मीरी या हिंदूओं को टारगेट करके हमले कर रहे हैं। जिसमें कई प्रवासी मजदूरों की मौत भी हो चुकी है।
