Road Accidents Due to Fog In India: उत्तर भारत में इस सीजन के पहले दिन (सोमवार) कोहरे ने 11 लोगों को जान ले ली है। इसी कोहरा का ही सितम था कि हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की कार मंगलवार तड़के पुलिस जीप से टकरा गई। हालांकि उन्हें चोटें नहीं आई। लेकिन पहले ही दिन जिस तरह हादसे हुए, उसे देखते हुए आने वाले दिनों में घने कोहरे की चादर छाने से हादसों का खतरा और बढ़ने की आशंका है। भारत में औसतन हर साल 27 हजार से 30 हजार सड़क हादसे कोहरे की वजह से होते हैं। और 10 हजार से ज्यादा लोगों को केवल कोहरे की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ती है।
कोहरे से हादसों का खतरा बढ़ा
मौसम विभाग का रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा मंगलवार को जारी सूचना के अनुसार, अगले 2-3 दिनों तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश में घना कोहरा छाया रहेगा। जबकि हिमाचल प्रदेश में अगले 5 दिनों तक वहीं बिहार, उत्तर-पश्चिम राजस्थान में अगले 2 दिनों तक घना कोहरा छाया रहेगा। IMD के अनुमान से साफ है कि घने कोहरे की वजह ट्रेन, हवाई यात्रा के साथ- साथ सड़क यात्रा में लोगों को परेशानी होगी।
चार साल में 1.15 लाख से ज्यादा हादसे
भारत में कोहरे में ड्राइविंग करना कितना खतरनाक है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि साल 2017 से 2020 में केवल सड़क हादसों में 48 हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई है। और इस दौरान 1.15 लाख से ज्यादा हादसे कोहरे की वजह से हुए हैं।
| साल | हादसे | मौतें | घायल |
| 2020 | 26,541 | 12,084 | 23,111 |
| 2019 | 33,602 | 13,405 | 30,776 |
| 2018 | 28,026 | 11,841 | 25,265 |
| 2017 | 26,982 | 11,090 | 24,828 |
| कुल | 1,15,151 | 48,420 | 1,03,980 |
स्रोत: MORTH
कैसे कोहरा बना जाता है खतरनाक
| कोहरे का प्रकार | विजिबिलिटी (दृश्यता) |
| हल्का घना | 500 मीटर से ज्यादा |
| औसत घना | 200 मीटर तक |
| घना | 50 मीटर |
| बेहद घना | 50 मीटर से कम |
जब आर्द्रता (Humidity) 100 फीसदी हो जाती है। उस समय हवा में जलवाष्प की मात्रा स्थिर हो जाती है।और अतिरिक्त जलवाष्प संघनित होकर छोटी पानी की बूंदे वायुमंडल में कोहरे के रूप में फैल जाती हैं। और कोहरा वायुमंडल में जमीन की सतह से थोड़ा ऊपर ही चादर के रूप में फैल जाता है। आईएमडी ने विजिबिलिटी के आधार पर कोहरे को चार कैटेगरी में बांटा है। इसके तहत जितनी कम दूरी तक विजिबिलिटी रहेगी, कोहरा उतना ही घना होगा।
