अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर दान चोरी मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य श्री कृष्ण मोहन की शिकायत पर अयोध्या थाने में पहली एफआईआर (अपराध संख्या 90/2026) दर्ज हुई है। ये एफआईआर SIT की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई है। इससे दो दिन पहले मामले की जांच करने वाले विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी थी।
श्री राम मंदिर में दान चोरी मामला
इस बीच, सूत्रों ने बताया है कि जिन आठ लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें से दो लोगों को गिरफ्तार और छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। जिसके बाद उनकी भी गिरफ्तारी की जा सकती है। वहीं, सूत्रों का ये भी कहना है कि चंपत राय और अनिल मिश्र ट्रस्ट से इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के अनुसार चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड़यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आठ लोग बनाए गए नामजद आरोपी, ट्रस्ट के सदस्य सुरक्षित
इस एफआईआर में आठ लोगों के खिलाफ नामजद और बाकी अज्ञात के नाम शामिल किए गए हैं। इस पूरे मामले में ट्रस्ट के किसी भी सदस्य या पदाधिकारी का नाम एफआईआर में नहीं है। जिन 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनमें पैसा गिनने वाली टीम के मुखिया के तौर पर सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव का नाम है, जबकि अन्य छह पैसा गिनने वाले कर्मचारियों के नाम है। ये सभी पैसे का गबन करते हुए CCTV में कैद हुए है। इनमें टिन्नू यादव का भतीजा मनीष यादव भी शामिल है, वह भी दान के पैसे गिनने का काम करता था। साथ ही अनुकल्प मिश्रा का नाम भी है। इस FIR के आधार पर पुलिस जांच करेगी और इसमें जो भी अन्य लोग शामिल होंगे और जांच में जिनका नाम आएगा, उसके नाम आगे दर्ज किए जाएंगे।
नामजद आरोपियों में कौन-कौन?
- रामाशंकर यादव टिन्नू
- अनुकल्प मिश्र
- अविनाश शुक्ला
- करुणेश पांडेय
- लवकुश मिश्र
- रमा शंकर मिश्र
- सुभाष श्रीवास्तव
- मनीष कुमार यादव
इन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर
यूपी सरकार के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। अब जबकि चढ़ावा चोरी मामले को लेकर पहली एफआईआर दर्ज कर ली गई है तो इसमें बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां होंगी।
दो की गिरफ्तारी और छह लिए गए हिरासत में
इस बीच, सूत्रों ने बताया है कि जिन आठ लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें से दो लोगों को गिरफ्तार और छह लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। जिसके बाद उनकी भी गिरफ्तारी की जा सकती है। वहीं, सूत्रों का ये भी कहना है कि चंपत राय और अनिल मिश्र ट्रस्ट से इस्तीफा दे सकते हैं।
कौन हैं कृष्ण मोहन, जिन्होंने कराई एफआईआर
पूर्व भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी कृष्ण मोहन रहे है।73 वर्षीय कृष्ण मोहन आरएसएस पदाधिकारी भी हैं। हरदोई जिले के रहने वाले मोहन पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए आरएसएस के क्षेत्र संघ चालक (क्षेत्र प्रभारी)रहे हैं। इन्ही ने FIR दर्ज करवाई है।
बता दें कि मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी गठित की थी। यह कदम अयोध्या राम मंदिर को मिले चढ़ावे की रकम के दुरुपयोग के आरोप सामने आने के बाद उठाया गया था। एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।
