Farmers Protest: पंजाब पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर किसानों के धरने को क‍िया समाप्त, टेंटों को किया ध्वस्त

Farmers Protest: पंजाब -हरियाणा शंभू बॉर्डर से किसानों को पंजाब पुलिस ने हटा दिया है। अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल और किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर समेत कई किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।

Farmers Protest: पंजाब पुलिस ने बुधवार को पंजाब-हरियाणा शंभू बॉर्डर पर किसानों द्वारा लगाए गए धरने को समाप्‍त करा द‍िया और टेंटों को तोड़ दिया। किसानों की एक बड़ी संख्या अपनी विभिन्न मांगों को लेकर यहां धरने पर बैठी थी। शंभू बॉर्डर पर पुलिस की तैनाती काफी बढ़ा दी गई थी। पुलिस ने किसान मजदूर मोर्चा का कार्यालय और किसानों द्वारा बनाए गए पक्के मोर्चों को तोड़ दिया। पुलिस ने बुलडोजर चलाकर किसान मजदूर मोर्चा के कार्यालय और मंच को ध्वस्त कर दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई के तहत शंभू बॉर्डर से किसानों को हटाया जा रहा है और धरने की पूरी व्यवस्था को ध्वस्त किया जा रहा है। पंजाब पुलिस की ओर से डीआईजी हरमिंदर सिंह गिल ने कहा कि अब तक 40 से 50 किसानों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने आगे बताया कि यदि कोई किसान गिरफ्तारी के लिए कहेगा तो उसे गिरफ्तार किया जाएगा, जबकि अगर कोई छोड़ने की मांग करेगा तो उसे छोड़ दिया जाएगा। ऐसा नहीं है कि हमने उन्हें बंधक बना लिया है। पुलिस की कार्रवाई में गैरकानूनी तरीके से बनाए गए सभी निर्माणों को तोड़ा जा रहा है। अगले कुछ घंटों में शंभू बॉर्डर को पूरी तरह से खाली करवा लिया जाएगा।

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पंजाब पुलिस ने किसान नेताओं को लिया हिरासत में

दिल्ली या कहीं और किसानों को करना चाहिए विरोध प्रदर्शन - चीमा

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि किसानों को दिल्ली या कहीं और धरना देना चाहिए, क्योंकि उनकी मांगें केंद्र सरकार के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि आप सरकार और पंजाब के लोग किसानों के साथ खड़े थे, जब उन्होंने तीन काले कानूनों का विरोध किया। किसानों की मांगें केंद्र सरकार के खिलाफ हैं। एक साल से ज्यादा हो गया है और शंभू और खनौरी बॉर्डर बंद हैं। पंजाब के व्यापारी, युवा बहुत परेशान हैं। जब व्यापारी व्यापार करेंगे, तो युवाओं को रोजगार मिलेगा और वे नशे से दूर रहेंगे।

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